गरमपानी (नैनीताल)। सांसद अजय भट्ट और विधायक सरिता आर्य नेे बृहस्पतिवार को रातीघाट-सेनिटोरियम-दूनीखाल बाईपास का शुभारंभ किया। सांसद और विधायक ने अपने-अपने वाहनों से बाईपास पर सफर किया। वाहनों का काफिला बेली ब्रिज से होते हुए कैंची धाम तक पहुंचा। सासंद ने कैंची धाम में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए पार्किंग का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कैंची धाम में होने वाले स्थापना दिवस की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से स्थापना दिवस से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
सांसद ने बताया कि बाईपास नहीं होने से कैंची धाम और भवाली में जाम लगने से पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। बाईपास बनने के बाद यातायात शुरू होने से लोगों को जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, धारचूला, बागेश्वर, रानीखेत, कौसानी, नेपाल और चीन बार्डर तक के यात्रियों को कैंची धाम और भवाली होते हुए नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सड़क पर आठ किलोमीटर तक डामरीकरण हो चुका है और शेष मार्ग में कार्य प्रगति पर है। इस दौरान दायित्वधारी नवीन वर्मा, भावना मेहरा, अध्यक्ष नीरज बिष्ट, यशपाल आर्या, एसडीएम अनुराग आर्या, तहसीलदार भुवन भंडारी, रमेश सुयाल, प्रधान किशोर ढैला आदि मौजूद रहे।
आधे-अधूरे डामरीकरण के साथ खोला बाईपास बन सकता है आफत
गरमपानी (नैनीताल)। अधूरे कार्य के बीच खोले गए सेनिटोरियम-रातीघाट-दूनीखाल बाईपास पर हादसे का खतरा बना हुआ है। लोनिवि की ओर से बाईपास पर आठ किलोमीटर तक डामरीकरण का काम किया गया है जबकि लगभग 10 किलोमीटर छोड़ दिया गया है। कैंची धाम में 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस से तीन पहले बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से सेनिटोरियम-रातीघाट-दूनीखाल बाईपास को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। पर सड़क कच्ची होने के साथ-साथ पहाड़ी से मलबा गिरने लगा है। ऐसे में बरसात के मौसम में मार्ग से अल्मोड़ा, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर, पिथौरागढ़, कौसानी की ओर आने-जाने वाले यात्रियों, सैलानियों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सड़क किनारे पैरापिट आदि सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के चलते हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को पूरी सड़क पर डामरीकरण करने के बाद ही यातायात सुचारु करना चाहिए था।