नैनीताल। उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के क्षेत्रीय केंद्र पटवाडांगर में तीन दिवसीय बायोटैक काॅन्क्लेव में देश विदेश से आए वैज्ञानिकों ने बायो-ई3 नीति को जैवप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तराखंड के लिए बहुत लाभकारी बताया।
शुक्रवार को तीन दिवसीय काॅन्क्लेव के समापन पर निदेशक, यूसीबी, डाॅ. संजय कुमार ने कहा कि बायो-ई3 नीति जैवप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गतिमान शोध व अनुसंधानों को नये आयाम प्रदान करेगी। बायो-ई3 पाॅलिसी के माध्यम से हमें एक कृषि प्रधान तथा प्रदूषण मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग मिलेगा।
इस दौरान पोस्टर प्रदर्शनी में डाॅ. अंबिका चमोली, डाॅ. दिशा पंत व डाॅ. विनोद रावत और स्टॉल में डाॅ. सिद्धार्थ माधव, डाॅ. भानु हरबोला और डाॅ. रिशन्द्र कुमार क्रमश: पहले तीन स्थानों पर रहे। समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. बीएस बिष्ट, विशिष्ट अतिथि डाॅ. महावीर सिंह के अलावा अतिथि डॉ. एमके नौटियाल, डाॅ. मनीष नाज़ा, डाॅ. लक्ष्मीकांत, डाॅ.भवानी सिंह, डॉ. सुमित पुरोहित, डॉ.कंचन कार्की, डॉ. मणिंद्र मोहन, डॉ. बलवंत सिंह मौजूद रहे।
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