रामनगर चूनाखान में होती वनाधिकारियों की बैठक। अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। पवलगढ़ में फरवरी में होने वाले बर्ड फेस्टिवल को यादगार बनाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने मंथन किया। तय किया कि इस फेस्टिवल में उत्तराखंड की संस्कृति को तवज्जो दी जाएगी। फेस्टिवल के कार्यक्रम पवलगढ़, सीतावनी, चूनाखान, कालाढूंगी में होंगे। 7, 8 और 9 फरवरी को पवलगढ़ में बर्ड फेस्टिवल होगा, इसमें करीब 1500 बर्ड वॉचर, पर्यावरण प्रेमियों के शामिल होने की संभावना है। राज्यभर से स्वयं सेवी समूहों इत्यादि के स्टाल भी लगाए जाएंगे। वन विभाग, कुमाऊं मंडल, विकास निगम, पर्यावरण सुरक्षा समृद्धि से जुड़े विभिन्न एनजीओ की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
देश-विदेश के विभिन्न विशेषज्ञ इसमें उपस्थित रहेंगे। पवलगढ़ और चूनाखान ईको टूरिज्म सेंटर में मुख्य आयोजन होगा। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि फेस्टिवल में उत्तराखंड के सांस्कृतिक कार्यक्रमाें एवं व्यंजनों को तरजीह दी जाएगी। चूनाखान में हुई बैठक में डीएफओ रामनगर वन प्रभाग बीपी सिंह, बैलपड़ाव रेंजर संतोष पंत, रेंजर देचौरी किरन शाह, रेंजर कोटा ललित जोशी, वेस्ट वारियर के पवन खुल्बे समेत कुमाऊं मंडल के प्रतिनिधि मौजूद थे।