नैनीताल शहर में संचालित हो रहे होटल और होमस्टे में पार्किंग नहीं है, लेकिन पार्किंग लिस्ट में उनका नाम दर्ज है। ऐसे में शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। साथ ही होम स्टे संचालक पुलिस प्रशासन के साथ ही पर्यटकों को गुमराह कर रहे हैं।
दरअसल, ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में देश-विदेश से लाखों पर्यटक नैनीताल आते हैं। ऐसे में यहां वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। पुलिस प्रशासन की ओर से शहर की छोटी-बड़ी पार्किंग पैक होने के बाद वाहनों को रूसी बाईपास में पार्क किया जाता है। यहां से शटल सेवा के माध्यम से पर्यटक नैनीताल आते हैं। साथ ही उन्हीं वाहनों को प्रवेश दिया जाता है, जिनकी होटल या होम स्टे में बुकिंग और पार्किंग हो। पुलिस प्रशासन को सहूलियत हो इसके लिए शहर के इंट्री प्वाइंट में पार्किंग लिस्ट लगाई जाती है। लिस्ट में कई ऐसे होटलों के नाम दर्ज किए गए हैं जिनके पास पार्किंग नहीं हैं।
अमर उजाला ने नैनीताल के होटलों व होम स्टे की पड़ताल कि तो पाया कि शहर के कई होटल व होम स्टे ऐसे हैं जहां पार्किंग नहीं है, लेकिन लिस्ट में उनका नाम दर्ज है। जब टीम ने अधिक जानकारी ली तो पता चला कि कई होटल संचालकों ने बिना पार्किंग के नाम दर्ज कराया है। कई संचालकों ने तो अन्य क्षेत्र में किराए पर पार्किंग ली है।
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