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Election 2024: इस लोकसभा सीट में आजादी के बाद से 17 बार हुए चुनाव, 11 बार जीती कांग्रेस; अब भाजपा का दबदबा

Mon, 01 Apr 2024 01:23 PM IST
हीरा मेहरा मो. यामीन अंसारी, संवाद

सार

आजादी के बाद से नैनीताल संसदीय सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। अब तक के 17 आम चुनाव में 11 बार कांग्रेस तो जीती, लेकिन उत्तराखंड गठन के एक दशक बाद कांग्रेस इस सीट पर कमजोर हो गई। 2014 की मोदी लहर में कांग्रेस हार गई।
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उत्तराखंड लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आजादी के बाद से नैनीताल संसदीय सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। अब तक के 17 आम चुनाव में 11 बार कांग्रेस तो जीती, लेकिन उत्तराखंड गठन के एक दशक बाद कांग्रेस इस सीट पर कमजोर हो गई। 2014 की मोदी लहर में कांग्रेस हार गई। 2019 के चुनाव में भी करारी शिकस्त खानी पड़ी। इस बार भाजपा हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में है तो कांग्रेस के लिए सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।

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आजादी के बाद पहले चुनाव 
वर्ष 1951-52 और 1957 में हुए आम चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चंद्रदत्त पंत जीते थे। इसके बाद 1962 से 1977 तक कांग्रेस के कद्दावर नेता कृष्ण चंद्र पंत ने हैट्रिक लगाई। 1977 के चुनाव में यह सीट भारतीय लोक दल के भारत भूषण ने जीत ली। कांग्रेस ने इस सीट को फिर अपने पाले में करने के लिए 1980 के लोकसभा चुनाव में पंडित नारायण दत्त तिवारी को भारत भूषण के सामने उतारा। इसके बाद यह सीट फिर कांग्रेस की झोली में आ गई।

केसी पंत का रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया 
नैनीताल लोकसभा सीट पर कांग्रेस के सांसद रहे केसी पंत के अलावा आज तक किसी भी प्रत्याशी की हैट्रिक नहीं बन सकी। यहां तक कि कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पंडित नारायण दत्त तिवारी चार बार चुनाव लड़े। इनमें तीन चुनाव जीते भी लेकिन हैट्रिक का रिकॉर्ड नहीं बना सके। केसी सिंह बाबा लगातार दो बार चुनाव जीत गए। तीसरे चुनाव में जनता ने उन्हें हरा दिया। इससे केसी की हैट्रिक का मिथक नहीं टूट सका। 

सहानुभूति की लहर 
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के प्रति सहानुभूति पर एनडी तिवारी के करीबी सत्येंद्र चंद्र गुड़िया यहां से चुनाव लड़े और जीत गए। 1989 में जनता दल से महेंद्रपाल सिंह चुनाव जीते।  
 
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राम लहर
1991 के आम चुनाव में एनडी तिवारी को राम लहर के कारण भाजपा के बलराज पासी ने एनडी तिवारी को हरा दिया। 1996 के आम चुनाव में एनडी तिवारी सांसद बने। 1998 में हुए चुनावों में इला पंत भाजपा के टिकट पर जीतीं। 1999 में फिर एनडी तिवारी ने इस सीट से जीत हासिल की। 

उत्तराखंड का गठन के बाद पहले चुनाव 
2002 में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार बनी तो एनडी तिवारी को सीएम बना दिया गया। लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए तो सीट फिर कांग्रेस के खाते में गई। यहां से महेंद्रपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। 2004 से 2014 तक केसी सिंह बाबा कांग्रेस से लगातार दो बार सांसद बने।

मोदी लहर
2014 के चुनाव में मोदी लहर में भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी ने कांग्रेस की जीत का रथ रोका। 2019 में भाजपा के अजय भट्ट ने कांग्रेस के हरीश रावत को करारी शिकस्त दी। अब फिर भाजपा से अजय भट्ट मैदान में हैं, वहीं कांग्रेस से प्रकाश जोशी ताल ठोक रहे हैं। इसके अलावा बसपा सहित आठ अन्य प्रत्याशी भी मैदान में है। 
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