रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद भी चल रही मलिक की संस्था
किसी भी संस्था को सोसायटी एंड चिट्स में रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है। सोसायटी एंड चिट्स से मिली जानकारी के अनुसार 19 जून 2015 को मलिक के पिता अब्दुल रज्जाक जकरिया मॉडर्न टैक्नोलॉजी एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी नाम से संस्था का पंजीकरण कराया गया था। पंजीकरण की अवधि पांच साल तक चलती है। जो कि 17 जून 2020 में खत्म हो गई थी। उसके बाद से संस्था ने इसे रिन्यू नहीं कराया। तब से गैर पंजीकृत संस्था के रूप में काम चल रहा है। फर्म, सोसायटी एंड चिट्स की उप निबंधक पूजा नेगी ने बताया कि वर्तमान में यह संस्था अपंजीकृत है।
मरियम काॅलेज आफ पैरामेडिकल के विद्यार्थियों ने कुमाऊं कमिश्नर से की थी शिकायत
कमलुवागांजा रोड स्थित मरियम काॅलेज आफ पैरामेडिकल एजूकेशन एंड हास्पिटल को लेकर विवाद रहा है। इस काॅलेज के विद्यार्थियों ने पिछले साल दिसंबर में कुमाऊं कमिश्नर के जनता दरबार संस्थान के मान्यता न होने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, बताया जाता है कि जिस भूमि पर कॉलेज को बनाया गया था, इस भूमि से खरीद को लेकर सवाल उठा था और मामला कोर्ट तक भी पहुंचा था।
30 दिसंबर को जनता दरबार में पहुंचे मरियम काॅलेज के छात्रों ने कहा था कि काॅलेज की मान्यता नहीं है, अभी उसकी प्रक्रिया गतिमान है। विद्यार्थियों ने फीस वापस लेने और दूसरी जगह एडमिशन लेने की बात भी कही थी। इसके बाद कुमाऊं कमिश्नर ने संस्थान के स्वामी/प्रबंधक को 15 जनवरी तक फीस माफी करने का निर्देश दिया था, ऐसा न करने की स्थिति में कार्रवाई भी अमल में लाने की बात कही गई थी।
बताया जाता है कि जिस भूमि पर पैरामेडिकल काॅलेज बना था, यह भूमि अब्दुल मलिक ने एक नीलामी में खरीदी थी। यह भूमि इंडस्टि्रयल एरिया में थी। भूमि खरीदने के बाद बताया जाता है कि उसमें विवाद हुआ। तब मामला कोर्ट तक पहुंचा था, इसमें बताया जाता है कि इसमें भूमि गैर कृषि होने के कारण अब्दुल मलिक के पक्ष में फैसला हो गया था।