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HEALTH: क्या सिगरेट पीने वालों के साथ रहने से भी आप कैंसर का शिकार हो सकते हैं? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

Tue, 06 Feb 2024 01:29 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

तंबाकू, सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे कैंसर हो सकता है। इसलिए लोगों को समय-समय पर फुल बॉडी चेकअप करवाना चाहिए। शुरुआत में ही कैंसर का पता चलने पर इसे हराया जा सकता है, इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है जागरुकता।
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smoking cause cancer - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तंबाकू, सिगरेट, एल्कोहल, जला-भुना खाना यह सभी कैंसर की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं, इसलिए लोगों को इनसे दूर रहना चाहिए। सिगरेट पीने वालों के साथ ही बैठना भी खतरे से खाली नहीं है। इससे भी कैंसर हो सकता है। समय-समय पर फुल बॉडी चेकअप और अन्य जांच करवानी चाहिए। शुरुआत में ही कैंसर का पता चलने पर इसे हराया जा सकता है, इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है जागरुकता।

यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हल्द्वानी की ओर से सोमवार को लालडांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में कैंसर जागरुकता विषय पर आयोजित पत्रकार वार्ता विशेषज्ञों ने दी। सेंट्रल अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ. शलभ अरोड़ा ने बताया कि तंबाकू, गुटखा, पान-सुपारी खाने वाले 40 फीसदी लोगों को कैंसर होता है। एल्कोहल पीने से 15 फीसदी लोगों को कैंसर होता है। रोस्टेड खाना, जलाभुना खाना भी पेट के कैंसर का कारण बनता है। एचपीवी वैक्सीन यह एक कारगर उपाय है, जिससे कैंसर को रोका जा सकता है।

 

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आईएमए हल्द्वानी के सचिव डाॅ. प्रदीप पांडे ने कहा कि डायबिटीज से, शराब से लीवर का कैंसर होता है। कभी-कभी खाना कम नहीं करने के बावजूद वजन कम हो जाता है, यह लीवर कैंसर का लक्षण हो सकता है। मुंह के छालों को लोग सामान्यतया इग्नोर करते हैं, लेकिन दो-तीन महीने में छाले आते रहना भी कैंसर का लक्षण हो सकते हैं, इसलिए लोगों को इस संबंध में चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

आईएमए हल्द्वानी के अध्यक्ष उपेंद्र ओली ने लोगों को प्लास्टिक के बर्तन में खाना गर्म कर नहीं खाने की सलाह दी। साथ ही पेट में समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह पर अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। बताया कि कई बार फुल बॉडी चेकअप में रिपोर्ट सही होती है, लेकिन जांच में भी कारण नजर आते हैं। सेट्रल अस्पताल के गेस्ट्रो एंडोलोजिस्ट डा. सचिन चक्रवर्ती ने कहा कि कैंसर के प्रति जागरुकता बहुत जरुरी है। कैंसर के लक्षण शुरुआती स्टेज में ही नजर आने लगते हैं, जिनको इग्नोर नहीं करना चाहिए। जरूरी नहीं कि हमेशा ब्लड जांच से ही इसका पता चल सके, इसलिए लैब जांच से पहले डॉक्टर से भी परामर्श लेना चाहिए।

 

कैंसर की रोकथाम के सुझाव

डा. शलभ अरोड़ा के अनुसार-

  • महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए 45 से 60 साल की उम्र के बीच हर दो साल में मैमोग्राफी करवानी चाहिए। इससे 5 एमएम कैंसर का भी पता चल जाता है।
  • धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों के कैंसर के लिए 50 से 75 साल की उम्र के बीच सीटी स्कैन करवाना चाहिए।
  • माउथ कैंसर की जांच के लिए हर तीन साल में एक बार मुंह की जांच किसी डेंटिस्ट से करवानी चाहिए।
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कैंसर संस्थान की रेडियोथेरेपी मशीन हुई खराब, लौटे मरीज
हल्द्वानी में कैंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की सोमवार को रेडियोथेरेपी नहीं हो सकी। इस कारण मरीजों को बिना थेरेपी के ही लौटना पड़ा, हालांकि शाम को मशीन ठीक हो गई।

स्वामी राम कैंसर चिकित्सालय एवं अनुसंधान संस्थान में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी सहित अन्य उपचार के लिए भी मरीज पहुंचते हैं। सोमवार को रेडियोथैरेपी करवाने के लिए पहुंचे लोगों को इलाज नहीं मिल सका। इस कारण मरीजों को लौटना पड़ा। अस्पताल की रेडियोथेरेपी मशीन खराब होने के कारण मरीजों की रेडियोथेरेपी नहीं हो सकी थी। दरअसल, स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बिना कैंसर को नष्ट करने के लिए रेडियोथैरेपी दी जाती है। वहीं कैंसर संस्थान के निदेशक डा. कैलाश चंद्र पांडे ने बताया कि रेडियोथेरेपी मशीन खराब होने के कारण सोमवार को परेशानी हुई, लेकिन शाम तक मशीन सही करा दी गई थी।
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