तंबाकू, सिगरेट, एल्कोहल, जला-भुना खाना यह सभी कैंसर की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं, इसलिए लोगों को इनसे दूर रहना चाहिए। सिगरेट पीने वालों के साथ ही बैठना भी खतरे से खाली नहीं है। इससे भी कैंसर हो सकता है। समय-समय पर फुल बॉडी चेकअप और अन्य जांच करवानी चाहिए। शुरुआत में ही कैंसर का पता चलने पर इसे हराया जा सकता है, इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है जागरुकता।
यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हल्द्वानी की ओर से सोमवार को लालडांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में कैंसर जागरुकता विषय पर आयोजित पत्रकार वार्ता विशेषज्ञों ने दी। सेंट्रल अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ. शलभ अरोड़ा ने बताया कि तंबाकू, गुटखा, पान-सुपारी खाने वाले 40 फीसदी लोगों को कैंसर होता है। एल्कोहल पीने से 15 फीसदी लोगों को कैंसर होता है। रोस्टेड खाना, जलाभुना खाना भी पेट के कैंसर का कारण बनता है। एचपीवी वैक्सीन यह एक कारगर उपाय है, जिससे कैंसर को रोका जा सकता है।
आईएमए हल्द्वानी के सचिव डाॅ. प्रदीप पांडे ने कहा कि डायबिटीज से, शराब से लीवर का कैंसर होता है। कभी-कभी खाना कम नहीं करने के बावजूद वजन कम हो जाता है, यह लीवर कैंसर का लक्षण हो सकता है। मुंह के छालों को लोग सामान्यतया इग्नोर करते हैं, लेकिन दो-तीन महीने में छाले आते रहना भी कैंसर का लक्षण हो सकते हैं, इसलिए लोगों को इस संबंध में चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
डा. शलभ अरोड़ा के अनुसार-
कैंसर संस्थान की रेडियोथेरेपी मशीन हुई खराब, लौटे मरीज
हल्द्वानी में कैंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की सोमवार को रेडियोथेरेपी नहीं हो सकी। इस कारण मरीजों को बिना थेरेपी के ही लौटना पड़ा, हालांकि शाम को मशीन ठीक हो गई।