फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: नैनीताल में नेपाली नागरिकों के अतिक्रमण करने पर मांगा जवाब, HC ने सरकार से कहा- क्या कार्रवाई की

Wed, 18 Sep 2024 10:13 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

हाईकोर्ट ने नेपाली मूल के निवासियों की ओर से नैनीताल के आसपास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

नैनीताल हाईकोर्ट ने नेपाली मूल के निवासियों की ओर से नैनीताल के आसपास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण व गलत तरीके से भारत के दस्तावेज तैयार कर कब्जा किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही न्यायालय ने यह भी बताने को कहा है कि सरकार ने इस पर क्या एक्शन लिया।मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

मामले के अनुसार नैनीताल निवासी पवन जाटव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि बीते कई वर्षों से नेपाल से आए लोगों ने नैनीताल शहर व नैनीताल जिले के ग्राम सभा के खुर्पाताल के तोक खाड़ी स्थित बजून चौराहे के पास करीब 25 परिवार ने सरकारी व नजूल भूमि पर कब्जा करके आवासीय निर्माण कर लिया है। इन लोगों ने ना ही कोई नागरिकता हासिल करने के लिए प्रार्थना पत्र लगाया और ना ही किसी तरीके से भारत देश की नागरिकता हासिल की और अवैध तरीके से यहां के दस्तावेज बनाकर जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सेवाएं कार्ड अवैध तरीके से बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है साथ ही वोटर लिस्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड बनाकर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराकर पानी बिजली के कनेक्शन आदि अवैध तरीके से हासिल कर लिए।

विज्ञापन


ये पढ़ें- Uttarakhand: नैनीताल में आज भी चारों दिशाओं से भूस्खलन का खतरा, 1880 की त्रासदी को याद कर सिहर उठते हैं लोग

इस संबध में कई बार इसकी शिकायत जिला प्रशासन व राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों से की लेकिन उनकी शिकायत पर कोई निराकरण नही हुआ। यही नही ये लोग ड्रग्स की तस्करी तक कर रहे है। जिसे यहां के युवा बर्बाद हो रहे है। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट से प्रार्थना की गई कि इस तरह की अवैध गतिविधिओं पर रोक लगाई जाए। जिन अधिकारियों ने उन्हें ये प्रमाण पत्र जारी किए है उनके खिलाफ विभागीय व दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए जाएं।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें