नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार मंशा देवी रोप-वे के संचालन व रखरखाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव को कमेटी गठित कर तीन माह के भीतर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार में मंशा देवी रोप-वे का संचालन और उसके रखरखाव के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को इसमें एक कमेटी गठित करने और तीन माह के भीतर प्रकरण के निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार दामोदर रोपवे इंफ्रा लिमिटेड, ऊषा ब्रेको लि0 व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। ऊषा ब्रेंको लिमिटेड की ओर से कहा गया कि रोप-वे का संचालन और रखरखाव ऐसे अनुुभवहीन कंपनियों के हाथ में सौंपा जा रहा है जिन्हें रोप-वे संचालन का अनुभव नहीं है।
याचिका में कहा कि वह वर्ष 1981 से इस रोप-वे का संचालन और रखरखाव करता आ रहा है। वर्ष 2024 में निगम ने उसे एक साल के लिये रोप-वे का संचालन दिया लेकिन आगे इसे अनुभवहीन कंपनियों के हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। जिन्हे इसे संचालन और देखरेख करने का कोई अनुभव नहीं हैं। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को निस्तारित करते हुए सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में एक कमेटी का गठन करें और निविदा आमंत्रित के माध्यम से तीन माह में प्रकरण का हल निकालें।