हाईकोर्ट ने उत्तराखंड वन विकास निगम के इसी वर्ष जुलाई-अगस्त में कोसी, गौला व दाबका के खनन गेटों के लिए धर्मकांटे लगाने के सभी टेंडर निरस्त कर दिए है।
हाईकोर्ट ने तत्कालीन एमडी पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
हाईकोर्ट ने उत्तराखंड वन विकास निगम के इसी वर्ष जुलाई-अगस्त में कोसी, गौला व दाबका के खनन गेटों के लिए धर्मकांटे लगाने के सभी टेंडर निरस्त कर दिए है। कोर्ट ने इस मामले में वन निगम के तत्कालीन एमडी सहित अन्य अधिकारियों के आचरण की सतर्कता विभाग से जांच के आदेश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने तत्कालीन एमडी पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है जो उनको व्यक्तिगत रूप से देना होगा। गौला से संबंधित अगस्त की निविदा को रद कर उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली -2017 के प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन करते हुए नई निविदा निकालने के लिए कहा है।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा ऑनर सोसायटी, आंचल धर्मकांटा ऑनर सोसायटी और हल्द्वानी-लालकुआं धर्मकांटा ऑनर वेलफेयर सोसायटी ने निविदा की शर्तों को याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि निविदा सूचना नियमावली के विरुद्ध हैं। कोर्ट ने साफ किया कि जुर्माने की राशि याचिककर्ताओं को दी जाएगी।
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पुराने खनन कांटे हटाने से असमंजस
वन विकास निगम में खनन गेटों में लगे पुराने धर्म कांटे हटाए जाने लगे हैं। नए कांटों का टेंडर निरस्त होने के चलते भविष्य में खनन निकासी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। कोर्ट ने जुलाई, अगस्त में खनन गेट के लिए धर्मकांटे लगाने के सभी टेंडर निरस्त कर दिए। इसके बाद ठेकेदारों ने पुराने कांटे खोलने का काम शुरू कर दिया है। क्षेत्र में 12 गेटों पर धर्म कांटे लगे हुए हैं।