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सीटीआर में जिप्सियों की रोटेशन प्रणाली को लेकर हंगामा

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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जिप्सियों की रोटेशन प्रणाली को लेकर विवाद हो गया। कॉर्बेट प्रशासन ने बुधवार को होने वाली वोटिंग को टाल दिया गया तो जिप्सी चालकों ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बीच, कॉर्बेट प्रशासन की पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक हुई। घंटों हुई बैठक में रोटेशन प्रणाली को कॉर्बेट के एक जोन में एक महीने तक ट्रायल के रूप में चलाने पर सहमति बनी है। ट्रायल के दौरान जो भी कमियां मिलेंगी उन्हें कॉर्बेट प्रशासन दूर कराएगा।
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रामनगर वन प्रभाग के वन विश्राम गृह में सुबह 11 बजे जिप्सी रोटेशन प्रणाली को लेकर वोटिंग होनी थी, लेकिन कॉर्बेट प्रशासन ने मंगलवार रात को ही वोटिंग को टाल दिया। इसकी जानकारी जिप्सी चालकों को नहीं मिल पाई। इस पर सभी वन विश्राम गृह पहुंचे और वोटिंग न होने पर जिप्सी चालक गिरीश धस्माना, इरशाद, जगत नेगी, दिलशाद, नासिर, फरीद, तसलीम, जगदीश छिमवाल, पवन पुरी, मनोज शर्मा, इस्लाम, फहीम कुरैशी वहीं धरने पर बैठ गए।
बाद में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ऑफिस में पहुंचकर हंगामा करने लगे। हंगामे के बीच जिप्सी वेलफेयर एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन और विधायक प्रतिनिधि के बीच घंटों बैठक चली।
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बैठक में उपनिदेशक कल्याणी, पार्क वार्डन आरके तिवारी, जिप्सी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश धस्माना, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिमान, विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी, भाजपा नेता नरेंद्र शर्मा, वीरेंद्र सिंह रावत, ईको टूरिज्म के रेंजर राजेंद्र चकरायत आदि मौजूद रहे।
घंटों हुई बैठक में काफी नोकझोंक भी हुई, लेकिन आखिरकार इसमें फैसला भी निकाल लिया गया। अब कॉर्बेट के जोन में एक महीने तक ट्रायल के रूप में जिप्सियां रोटेशन प्रणाली के तहत चलाईं जाएंगी। रोटेशन प्रणाली में यदि कमियां मिलती हैं, तो उसे कॉर्बेट प्रशासन दूर करेगा, हालांकि कॉर्बेट के इस फैसले को लेकर अब भी अंसतोष व्याप्त है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि सिंह मान का कहना है कि एक माह का ट्रायल शुरू करने से पहले प्रक्रिया को दिखाया जाएगा। होटल एसोसिएशन ने जिप्सी रोटेशन प्रणाली का विरोध किया है।
विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी का कहना है कि रोटेशन प्रणाली को लेकर दोनों पक्षों की बात सुनी है। रोटेशन कराने वाले पक्ष में सहमत थे। डेमो के तौर एक जोन में रोटेशन प्रणाली को लागू किया जाएगा। -
जिप्सी वेलफेयर एसोएिशन के अध्यक्ष गिरीश धस्माना का कहना है कि जिप्सी एसोसिएशन ने रोटेशन का विरोध किया है। रोटेशन के पक्ष में वे लोग हैं जिनके अन्य कारोबार हैं या जो लोग एक-दो साल में अपने जिप्सी वाहन लाए हैं। कॉर्बेट प्रशासन ने बिना किसी नियम कानूनों के तहत यह वोटिंग रखी थी जोकि सरासर गलत था। स्थानीय लोगों को लड़ाने की कोशिश थी, जो नाकाम रही।
यह था पूरा मामला
27 जुलाई को जिप्सी चालकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल ललित नेगी, प्रेम मेहरा, राजीव यादव, मनोज भट्ट, राजेश मल्होत्रा, जयपाल नेगी आदि ने विधायक व सीटीआर निदेशक से मिलकर रोटेशन प्रणाली की मांग की थी। इस पर कॉर्बेट प्रशासन ने चार अगस्त को रोटेशन प्रणाली पर वोटिंग कराने की घोषणा की। सोमवार को दूसरा पक्ष मो. मुजाहिद सिद्दीकी के नेतृत्व में जिप्सी मालिक और चालक सीटीआर निदेशक से मिला और रोटेशन प्रणाली का विरोध किया। होटल एसोसिएशन ने भी रोटेशन प्रणाली का विरोध किया।
ढेला गेट पर किया सांकेतिक विरोध
जिप्सी रोटेशन प्रणाली को लेकर वोटिंग कराने के पक्ष वाले जिप्सी चालकों ने ढेला गेट पर सांकेतिक विरोध किया। सांकेतिक विरोध को देखते हुए विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी के समझाने पर जिप्सी चालक माने। विरोध करने वालों में कमल अधिकारी, रमेश अधिकारी आदि लोग मौजूद रहे।
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