रामनगर (नैनीताल)। उपपा, उक्रांद आदि जनपक्षधर संगठनों से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को संयुक्त चिकित्सालय के बाहर धरना दिया। सीएमएस डॉ. बीडी जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिकल के खाली पदों पर नियुक्ति समेत जरूरी संसाधन बढ़ाने की मांग की। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने अस्पताल की बदहाली के लिए सरकार, प्रशासन, सांसद, विधायक को जिम्मेदार बताया। कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति होने के कारण लोग परेशान हैं। सक्षम लोग महंगे प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं जबकि गरीब रोगी लाचार हैं।
ब्लडबैंक चालू करने, अस्पताल में सभी जांचों की मुफ्त व्यवस्था कराने, सीटी स्कैन, आपातकालीन चिकित्साधिकारी की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन, सभी जांचें निशुल्क करने, सरकारी स्वास्थ्य कार्डों से प्राइवेट अस्पतालों में इलाज न होने पर कानूनी कार्रवाई करने, चिकित्सालय में डायलिसिस की सुविधा दिलाने की मांग की गई। राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने संचालन किया। धरने में मनमोहन अग्रवाल, इंद्र सिंह मनराल, नवीन नैनवाल, हरिमोहन मोहन, ललिता रावत, पूरन चंद्र पांडे, सरस्वती जोशी, महेश जोशी, सुरेंद्र भदूला, डीडी सती, प्रेम पपनै, मुनीष कुमार, शीला शर्मा, किरन आर्य, चंद्रशेखर जोशी, योगेश सती, लालमणि, ललित कड़ाकोटी, मोहन गयाल, महबूब कुरैशी, कमला जलाल आदि थे।
अस्पताल में तीन पर्ची की नई व्यवस्था का विरोध
रामनगर (नैनीताल)। जनपक्षधर संगठनों से जुड़े लोगों ने अस्पताल में तीन पर्ची की नई व्यवस्था को मरीजों के साथ मजाक बताया। उन्होंने सरकार से तत्काल पुरानी व्यवस्था लागू करवाने, जांच के नमूने लेने की प्रक्रिया भी बदलने की मांग की। कहा कि एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया, कैसलेश व्यवस्था की बात कर रही है, वहीं अस्पताल में तीन पर्ची रजिस्ट्रेशन पत्र दे रही है। इस कारण मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।