हल्द्वानी। वैश्विक पटल पर डिजिटल मार्केटिंग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। बाजार में इजाफा होने के साथ ही इसमें रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं। डिजिटल मार्केट से सर्विस और उत्पाद को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 तक यह बाजार लगभग 539 बिलियन रुपये तक जा सकता है। डिजिटल मार्केटिंग के लिए उत्तराखंड मुक्त विवि कोर्स करा रहा है।
आज के समय में दुनिया भर में इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल से बाजार डिजिटिलाइजेशन की ओर उन्मुख हो रहे हैं। यही वजह है कि वर्तमान समय में डिजिटल मार्केट में कॅरिअर बनाने वाले युवाओं को न केवल आकर्षक सैलरी वाली नौकरी मिल रही है बल्कि यहां कॅरिअर ग्रोथ की भी अपार संभावनाएं हैं। डिजिटल मार्केट से कामकाजी महिलाएं भी घर बैठे पैसा कमा रही हैं। युवाओं के लिए यह आय और स्वरोजगार का नया जरिया बन रहा है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने डिजिटल मार्केटिंग एंड मैनेजमेंट का कोर्स शुरू किया है। डिजिटल मार्केटिंग में छह माह का सर्टिफिकेट और एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स है। सर्टिफिकेट कोर्स की फीस 2350 रुपये और डिप्लोमा की 4650 रुपये है। प्रत्येक सेमेस्टर में पांच दिवसीय कार्यशाला अनिवार्य है। इसमें विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ डिजिटल मार्केटिंग के बारे में बताएंगे।
सफलता के साथ अपने कॅरिअर को दें नया आयाम
यूओयू के स्किल एजूकेशन विभाग के डॉ. गोपाल दत्त जोशी का कहना है कि डिजिटल मार्केटिंग एंड मैनेजमेंट से युवा अपने कॅरियर को नए आयाम दे सकते हैं। बदलते दौर में डिजिटल माध्यमों की डिमांड बढ़ते जा रही है। कोर्स करने के बाद युवा डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर सकते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया मैनेजर, फ्रीलांश डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन रेपुटेशन मैनेजर और ब्लॉगिंग कर आय अर्जित कर सकते हैं। साथ ही बैकिंग, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, आईटी, मीडिया, कंसल्टेंसी, मार्केट रिसर्च, पीआर एंड एडवरटाइजिंग आदि क्षेत्रों के साथ मल्टी नेशनल कंपनियों में अच्छी जॉब हासिल कर सकते हैं।
यूओयू ने डिजिटल मार्केटिंग एंड मैनेजमेंट का कार्स शुरू किया है। सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स कर युवा डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में कॅरिअर बना सकते हैं। ऑनलाइन व्यवसाय पुरुषों के साथ ही महिलाओं के लिए भी उपयोगी है। डिजिटल मार्केटिंग से स्वरोजगार करने साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
प्रो. ओपीएस नेगी, कुुलपति उत्तराखंड मुक्त विवि।