हल्द्वानी। विभिन्न जगहों से मिली रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय ने मैनुअल तरीके से हो रहे फिटनेस को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। एक मार्च से यह प्रभावी भी हो गया। एटीएस ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन के अलावा जहां भी मैनुअल फिटनेस हो रही थी, वहां की लाग इन से अब काम बंद है। जो वाहन स्वामी अपने वाहन का मैनुअल फिटनेस करा रहे थे उन्हें झटका लगा है। हल्द्वानी के एटीएस में अब वाहनों की भीड़ भी बढ़ेगी। इस आदेश का असर रामनगर में भी दिख रहा है। वहां से शनिवार को फिटनेस न होने की सर्वाधिक शिकायतें आई हैं।
परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने उत्तराखंड के सचिव परिवहन को आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि ईको सिस्टम के तहत वाहनों का फिटनेस करने के लिए हर जगह पर ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए गए थे। यहां मशीनों के जरिये वाहनों का फिटनेस चेक होता है। इसके जरिये काफी हद वाहनों की वर्तमान स्थिति की शत प्रतिशत रिपोर्ट आती है। हालांकि वाहनों की बढती संख्या को देखते हुए परिवहन कार्यालय परिसर या आसपास मैनुअल फिटनेस सेंटर भी बनाए गए थे। इसके जरिये भी विभागीय अफसर फिटनेस कराते थे लेकिन नए आदेश में एटीएस से इतर बने सभी फिटनेस सेंटर को एक मार्च से अप्रभावी कर दिया गया।
बता दें कि उत्तराखंड में छह एटीएस संचालित हैं। इसमें एक सेंटर हल्द्वानी में रूद्रपुर रोड पर बेलबाबा के निकट स्थापित है। उधर, मैनुअल काम बंद होने की वजह से रामनगर के साथ ही आसपास के परिवहन कार्यालयों में वाहन चालक परेशान रहे। अब यदि उन जगहों से वाहन हल्द्वानी आएंगे तो उन्हें हर दिन 60 से 100 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ सकता है। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि एक मार्च से मैनुअल फिटनेस का काम बंद कर दिया गया है। अब जो दिक्कतें सामने आ रही हैं उससे शासन को अवगत कराया जाएगा।