हल्द्वानी। चमोली के माणा गांव में शुक्रवार की सुबह आए एविलांच के बाद बर्फ में दबने वालों में धारी ब्लाक के सशबनी गांव निवासी दो श्रमिक नरेश बिष्ट (36) और उसका भाई दीक्षित बिष्ट (22) भी शामिल थे। सेना की रेस्क्यू टीम ने दोनों श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। इससे दोनों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। नरेश के परिजनों का कहना है कि बाबा नीब करौरी के आशीर्वाद से उनके दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और अभी जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल में हैं।
मूल रूप से सशबनी गांव निवासी और वर्तमान में यहां तल्ली हल्द्वानी में रह रहे नरेश बिष्ट के पिता धन सिंह बिष्ट ने बताया कि साल भर पहले नरेश रोजगार की तलाश में चमोली चला गया था और वहां काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि उनके भाई आन सिंह बिष्ट का बेटा दीक्षित बिष्ट एक माह पहले चमोली गया था। दोनों ही लोग वहां सड़क निर्माण के कार्य में लगे थे।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को माणा गांव में श्रमिकों के बर्फ में दबने की खबर मिली तो परिजन परेशान हो उठे थे। लेकिन बाद में चमोली प्रशासन की ओर से नरेश और दीक्षित दोनों को बर्फ से सुरक्षित निकालने की सूचना मिलने पर परिजनों ने राहत महसूस की। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम ने दोनों को बर्फ से निकालकर जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया है। नरेश के पिता धन सिंह बिष्ट ने बताया कि शनिवार की सुबह उनकी नरेश और दीक्षित दोनों से बात हुई है और दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। नरेश की माता दुर्गा देवी ने दोनों बच्चों की सलामती के लिए बाबा नीब करौरी महाराज का आभार जताया है। कहा कि बाबा के आशीर्वाद से ही उनके दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं।