धानाचूली (नैनीताल)। नैनीताल तहसील क्षेत्र में भूमि खरीद-बिक्री के मामले में हुई प्रशासनिक जांच में लैंड फ्रॉड का मामला सामने आया है। नैनीताल तहसीलदार अक्षय भट्ट की जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि खरीदार ने विक्रेता को जिस रकम का चेक देकर जमीन खरीदी उन चेकों का भुगतान ही नहीं हुआ। इतना ही नहीं, इसके बाद जमीन खरीदने वाले ने उसी भूमि के हिस्से दो अन्य लोगों को बेच दिए। मामले की शिकायत हाल मेरठ व मूल गहना की अर्चना नैनवाल ने जिला प्रशासन से की थी। उनकी शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर नैनीताल के तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट ने मामले की जांच की। बता दें कि चंदन सिंह उत्तराखंड क्रांतिदल के पदाधिकारी भी हैं।
जांच आख्या के अनुसार अर्चना नैनवाल ने 18 मार्च, 2024 को ग्राम गहना स्थित अपनी 1 नाली 14 मुट्ठी जमीन चंदन सिंह निवासी बूढ़ीबना, तहसील धारी के नाम बैनामा की थी। इसके बदले चंदन सिंह ने 49 लाख रुपये के पोस्ट डेटेड चेक दिए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चेकों की मियाद पूरी होने से पहले 25 मार्च 2026 को वे चेक वापस ले लिए गए और उनकी जगह फिर 49 लाख रुपये के दो अन्य चेक दिए गए। हालांकि निर्धारित समय तक उन चेकों का भी भुगतान नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि चंदन सिंह ने यही जमीन आगे दो और लोगों को बेच दी। जांच रिपोर्ट में तहसीलदार ने इसे अर्चना नैनवाल के साथ धोखाधड़ी और भूमि को अन्य व्यक्तियों को बेचने का मामला बताते हुए लैंड फ्रॉड की श्रेणी में माना। आगे की कार्रवाई के लिए उन्होंने अपनी रिपोर्ट एसडीएम नैनीताल को भेज दी।
मैंने पूरा भुगतान किया है : चंदन
मामले में चंदन सिंह का कहना है कि उन्होंने अर्चना नैनवाल को पूरा भुगतान किया है जिसका बैंक रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है। उनका दावा है कि उन्होंने किसी प्रकार की कोई धोखाधड़ी नहीं की है और वह खुद इसको लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
चंदन सिंह के खिलाफ लैंड फ्रॉड की रिपोर्ट तहसीलदार नैनीताल से प्राप्त हुई है। जांच में लैंड फ्रॉड पाया गया है। तहसीलदार नैनीताल की रिपोर्ट जिलाधिकारी की ओर से लैंड फ्रॉड कमेटी को भेजी गई है।
नवाजिश खलीक, एसडीएम नैनीताल