स्वास्थ्य महकमे के तमाम दावों के बावजूद हल्द्वानी में डेंगू अपने पैर पसारने लगा है। मंगलवार को डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में दो बच्चों को भर्ती कराया गया है। दोनों बच्चों में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उन्हें बालरोग चिकित्सा वार्ड में मच्छर दानी लगाकर अलग से रखा गया है।
हालांकि अस्पताल प्रशासन बुखार बता रहा है और मुख्य चिकित्सा अधिकारी उसे बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू रोगी मानने को तैयार ही नहीं हैं। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में मंगलवार को दस वर्षीय आकाश निवासी हल्दूचौड़ और तीन वर्षीय बालक राज को बालरोग विभाग के वार्ड में भर्ती किया गया।
दोनों बच्चों में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकों ने डेंगू का उपचार शुरू कर दिया है। दोनों बच्चों का डेंगू कार्ड बनाने के साथ ही उन्हें वार्ड में ही अलग से मच्छर दानी लगाकर रखा गया है। चिकित्सा अधीक्षक डा. एके पांडे ने दोनों बच्चों को डेंगू होने की बात से इनकार करते हुए बुखार की वजह से भर्ती करने की बात कही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचके जोशी का कहना है कि जब तक एलाइजा टेस्ट नहीं होगा किसी को डेंगू रोगी नहीं मान सकते। वह बोले, दोनों बच्चों का एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल भेजा जाएगा। इसके बाद ही वह कुछ बताएंगे।