खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग पर भुजान के समीप अतिसंवेदनशील कनवाड़ी की पहाड़ी बरसात में अपना कहर बरपाती है। दो तीन दिन लगातार बारिश होने पर पहाड़ी से कई जगह से पत्थर और बोल्डर गिरते हैं। यह मार्ग रानीखेत की तरफ आने जाने वाले वाहनों और यात्रियों के लिए खतरा बन चुकी है।
कनवाड़ी की पहाड़ी कई जगह पर खुलने से काफी ऊंचाई से पत्थरों और बोल्डरों की बरसात होती है, इससे लगातार खतरा बढ़ने लगा है। कनवाड़ी की पहाड़ी से बरसात के अलावा भी कई बार पत्थर गिरने की घटना होती रहती है। कई बार पत्थर गिरने से वाहनों के शीशे टूटने के साथ ही कई लोग चोटिल भी चुके हैं।
पिछले दिनों 12 जुलाई की शाम को पहाड़ी से कई बोल्डर और पत्थर एकाएक गिरने से एक बोल्डर केमू बस के अगले हिस्से में लगने से बस में सवार बीस यात्री बाल-बाल बचे। कनवाड़ी की पहाड़ी पर जगह-जगह से हुए भूस्खलन वाले कई स्थानों पर अभी भी कई विशालकाय बोल्डर अटके हुए हैं।
जो कभी भी कोई हादसा कर सकते हैं। इसके बावजूद आज तक इन पत्थरों को हटाने के लिए विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। रानीखेत के उपजिलाधिकारी राजा अब्बास ने बताया कि इस मामले में एडीबी के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी ताकि पहाड़ी पर सुरक्षात्मक उपाय किए जा सकें।
कनवाड़ी की कमजोर पहाड़ी से पिछले कुछ वर्षों से पत्थर बोल्डर गिरने की घटना हो रही हैं। इसके चलते कई बार खैरना रानीखेत मोटर मार्ग बाधित रहता है।