हल्द्वानी। बनभूलपुरा पुुलिस ने शनिवार रात इंदिरानगर रेलवे क्रासिंग फाटक के पास टेंपो सवार दो लोगों को स्मैक के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 100 ग्राम स्मैक बरामद कर टेंपो को जब्त कर लिया।
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बनभूलपुरा थाने में बताया कि शनिवार की रात मलिक का बगीचा निवासी मो. असलम और बरेली जिले के मोतीनगर थाना शाही निवासी शहजाद उर्फ गुड्डू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि वह तीन साल से दोस्त हैं और दोनों पहले दिल्ली में एक साथ फलों की ठेली लगाते थे। गिरफ्तार शहजाद स्मैक लेकर ट्रक से हल्द्वानी आया था। मंडी क्षेत्र में उसे टेंपो चालक असलम मिला था। पुलिस ने असलम का टेंपो जब्त कर लिया। टेंपो भोलानाथ गार्डेन निवासी हेमंत जोशी का है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब दस लाख की बताई जा रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया।
टीम में थानाध्यक्ष सुशील कुमार, उपनिरीक्षक बलवंत सिंह कंबोज, सिपाही मुन्ना सिंह, अमनदीप सिंह, प्रवीण कुमार शामिल थे। मुकदमे की विवेचना महिला उपनिरीक्षक कुुमकुम धानिक करेगी।
फल विक्रेता से शहजाद बन गया तस्कर
हल्द्वानी। स्मैक तस्करी में गिरफ्तार शहजाद उर्फ गुड्डू ने बताया कि वह दिल्ली में फल का कारोबार करता था। लॉक डाउन के चलते उनका मूल व्यवसाय बंद हो गया। घर लौटने के बाद खर्च चलाने के लिए कारोबार नहीं था। इस बीच असलम ने स्मैक का धंधा करने का सुझाव दिया और वह तैयार हो गया।
आरोपी शहजाद का कहना था कि उसने बरेली जिले के फतेहगंज से स्मैक खरीदा था। उसे पता नहीं था कि बनभूलपुरा में पुलिस पकड़ लेगी। असलम से उसकी दोस्ती 2016 में दिल्ली के उत्तम नगर में फल बेचने के दौरान हुई थी। असलम घर चला आया और वह गोदाम किराए पर लेकर फल का व्यवसाय बढ़ा लिया। शहजाद के पांच भाई और एक बेटा भी मौजूद है लेकिन असलम ने शादी नहीं की है। असलम अपना मकान बेचकर मलिक का बगीचा में परिवार के साथ किराए पर रहता था लेकिन दो माह से वह अपनी बहन रिहाना के घर काबुल का बगीचा में रह रहा था। दोनों आरोपियों की योजना थी कि स्मैक बनभूलुपुरा में पुड़िया बनाकर बेची जाएगी लेकिन पुलिस ने दोनों के अरमानों पर पानी फेर दिया। दोनों का धंधा बंद है तो काफी लाभ हो जाएगा।