भीमताल के मेहरागांव में मलबे की चपेट में आने से बेटे की मौत पर विलाप करती हुई मां।
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भीमताल के मेहरागांव के धुलाई क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन साइड में दीवार बनाते समय पहाड़ी का मलबा गिरने से दो मजदूरों की मौत और एक मजदूर के घायल होने के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस के सामने ठेकेदार के लिए हंगामा काटा साथ ही मालिक पर भी सवाल खड़े किए। परिजनों ने कहा कि घटना दोपहर तीन बजे हुई लेकिन उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। शाम छह बजे जब मजदूर नहीं आए तो उनके मजदूरों ने ठेकेदार को फोन किया तो ठेकेदार ने फोन काट दिया और बाद में बताया कि वह लोग मलबे में दब गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद जब वह लोग पहुंचे तो देखा की दो की मौत और एक घायल था। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार लोग समय से मजदूरों को अस्पताल ले जाते तो शायद उनकी जान बच जाती। इसको लेकर परिजनों ने विरोध जाहिर किया।
आप भी एक मां हो मेडम कार्रवाई जरूर करना
मृतक हरीश थापा की मां छाया थापा ने रोते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी अंजना नेगी से कहा कि मेडम आप भी एक मां हो में भी एक मां हूं लेकिन मेरा बेटा खत्म हो गया। उन्होंने सीओ से कार्रवाई की मांग की। सीओ ने उन्हें सांत्वना देते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं पत्नी की मौत के बाद से महेंद्र कुमार का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
नियमों को ताक पर रखकर हो रहे निर्माण कार्य
दो मजदूरों की मौत और एक मजदूर के घायल होने के बाद से क्षेत्र की कंस्ट्रक्शन साइड को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला प्रशासन और प्राधिकरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं की नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य हो रहे हैं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। साथ ही भीमताल में भी जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्यों पर प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि स्थानीय लोग एक कमरे का मकान बनाते हैं तो प्राधिकरण चालान और सीज करने की कार्रवाई कर देता है लेकिन बड़े-बड़े लोग बिल्डिंग और होटल बनाते हैं तो प्राधिकरण और प्रशासन आंखे बंद कर लेता है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है।
सुरक्षा को लेकर नहीं थे कोई उपाय
बृहस्पतिवार को जिस जगह घटना हुई वह पहाड़ी क्षेत्र है और मजदूर पहाड़ी का कटान कर रहे थे। कटान करते समय भारी मलबा मजदूरों के ऊपर गिर गया। इससे मलबे में काफी देर तक फंसे होने की चलते दो की मौत हो गई और एक का पैर फैक्चर हो गया। मजदूरों ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के भी कोई उपकरण नहीं थे इसके चलते भी मजदूरों को समय से नहीं बाहर निकाला जा सका।