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नितिन लोहनी हत्याकांड: ढाई माह बाद भी चार्जशीट नहीं, पिता की मांग- फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई

Thu, 26 Mar 2026 05:35 PM IST
गायत्री जोशी माई सिटी रिपोर्टर

सार

हल्द्वानी के नितिन लोहनी हत्याकांड में ढाई महीने बाद भी पुलिस चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है। जांच में देरी से परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग उठाई है। 
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मृतक नितिन लोहनी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित एसकेएम स्कूल के पास बीती चार जनवरी की रात हुई नितिन लोहनी की हत्या के मामले में ढाई माह बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है। इस देरी को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है। मृतक नितिन लोहनी, जज फार्म का रहने वाला था जिसे अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा है लेकिन जांच की धीमी रफ्तार ने उनके धैर्य की परीक्षा ले दी है।
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बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन लोहनी के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और हर संभव न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। इस बीच नितिन के पिता कैलाश चंद्र लोहनी ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि “मेरे बेटे के हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए, ताकि उनका पूरा जीवन जेल में ही बीते। परिवार का कहना है कि मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल कर सुनवाई शुरू की जाए, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके और उन्हें न्याय मिल पाए।

बता दें कि नितिन लोहनी हत्याकांड में आरोपी पार्षद अमित बिष्ट की ओर से आत्मरक्षा की बनाई गई कहानी पुलिस जांच में झूठी साबित हुई थी। घटना के बाद उसने घर की खिड़की पर फायर कर हमले का नाटक रचा और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। हालांकि, फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से सच्चाई सामने आ गई।
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जांच में पाया गया कि नितिन निहत्था था और उस पर नजदीक से गोली चलाई गई जिससे उसकी मौत हुई। पुलिस को मौके से खोखे मिले थे जबकि सीसीटीवी की डीवीआर छिपाने की कोशिश भी की गई थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी और उसके बेटे को हिरासत में लेकर सच्चाई उजागर की थी। 
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