गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार द्वारा चलाए जा रहा इंदिरा अम्मा भोजनालय आम लोगों के साथ ही स्वयं सहायता समूहों के लिए भी खासे फायदे का सौदा बन रहा है। तेरह दिनों में ढाई हजार से अधिक लोगों को भोजन करा चुकी अम्मा की रसोई बीस रुपये थाली में भी बीस प्रतिशत का लाभ कमा रही है।
सरस मार्केट में खोला गया इंदिरा अम्मा भोजनालय आम के साथ ही खास लोगों की पसंद बन रहा है। 19 नवंबर को शुरू हुई अम्मा की रसोई में अब तक दो हजार सात सौ अठासी लोग भोजन कर चुके हैं। मात्र बीस रुपये में चार रोटी, दाल, सब्जी और चावल के साथ ही अचार का जायका देनी वाली रसोई ग्राहकों के बढ़ने से बीस रुपये की थाली में भी बीस फीसदी लाभ कमा रही है।
सीडीओ ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर पांच लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही आधुनिक रसोई में ग्राहकों को जल्द ही डीप फ्रीजर का ताजा और इलेक्ट्रिक हॉटकेस का गर्म भोजन मिलेगा। रसोई में ग्राहकों की अन्य सुविधाओं का ख्याल भी रखा जा रहा है। रसोई साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अम्मा की रसोई में दूसरे या तीसरे दिन मेन्यू बदला जा रहा है। जिसमें कभी मिक्स दाल, मिक्स वेज तो कभी विशेष किस्म की मशहूर दाल जैसे गहत, राजमा का काढ़ा और सब्जी होती है। इन सबके बीच कुमाऊंनी भोजन भट की चुड़कानी और झोली भात के साथ बड़ी भात लोगाें की पहली पसंद बन रहा है।
अम्मा इंदिरा कैंटीन रोजाना सैकड़ों गरीब लोगाें को सस्ता भोजन कराने के साथ ही कुछ लोगों के घरों का चूल्हा भी जला रही है। आजीविका के लिए कैंटीन चला रही स्वयं सहायता समूह की दस महिलाओं को कैंटीन में होने वाला लाभ वितरित किया जायेगा। जो उनकी अर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
अम्मा की रसोई में जाने के लिए सरस मार्केट की पार्किंग से होकर जाना पड़ता है। हालांकि भोजनालय में जाने वाले को पार्किंग शुल्क में छूट है। उसके बाद भी कई लोग महंगी पार्किंग की डर से वहां जाने से कतरा रहे हैं।
रास्ते का अंदाज न होने से भी लोग रसोई तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। संचालकों की मानें तो अगर रसोई का रास्ता बिल्ंिडग के सामने से किया जाये तो रोजाना पांच सौ ग्राहकों के पहुंचने की संभावना है।
अम्मा भोजनालय के खुलने से सरस मार्केट सेंटर के उत्पादों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। इस सेंटर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों की बिक्री की जाती है।
भोजन को आने वाले लोग इस दौरान वहां से उत्पादों की खरीद भी कर रहे है। जिससे समूहों को सीधा लाभ हो रहा है। संचालकों के अनुसार कैंटीन खुलने के बाद से सेंटर की बिक्री में बीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।