रामनगर/कालाढूंगी। तराई पश्चिमी वन प्रभाग में तस्करों को वन विभाग को कोई डर नहीं है। बेखौफ तस्करों ने एक ही रात में खेर के आठ पेड़ जमींदोज कर दिए। हालांकि विभाग ने गश्त के दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसके चार अन्य साथी अभी फरार चल रहे हैं। जिनकी ढूंढखोज की जा रही है।
एसडीओ बलवंत सिंह शाही ने बताया कि शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम गैबुआ के जंगल में गश्त कर रही थी। जहां एक युवक संदिग्ध हालत में घूमता हुआ मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम नरेंद्र बिष्ट उर्फ विक्की पुत्र पूरन बिष्ट निवासी गैबुआ खास बताया। जो ट्रैक्टर ट्राली (यूके 04जी 8721) में खैर की लकड़ियां लादकर भागने की फिराक में था।
एसडीओ शाही ने बताया कि तस्कर नरेंद्र के चार साथी राकेश, सानी, नीरज पाल, लाड़ी निवासी गैबुआ टीम को देखकर फरार हो गए। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगा दी हैं। उन्होंने बताया कि तस्करों ने जंगल में खैर के आठ हरे पेड़ काट दिए। काटी गई लकड़ी 60 क्विंटल है।
इसकी कीमत 2.16 लाख रुपये है। जब्त लकड़ी को बैलपड़ाव रेंज में जमा करने के साथ ही ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया गया। वहीं नरेंद्र के घर से टीम को 10-12 क्विंटल खेर प्रकाष्ठ मिला है। इसे भी जब्त कर लिया गया।
साथ ही नरेंद्र पर वन अपराध दर्ज किया है। तस्कर को पकड़ने वाली टीम में रेंजर जेपी डिमरी, अंबा दत्त, सरप सिंह राणा, गोविंद बिष्ट, कुंदन सिंह, अभिलाष वीर सक्सेना, सुरेश पांडे, जगदीश चौबे, तारादत्त पांडे, शंकर दत्त पनेरू, मदन रैक्वाल, आदि मौजूद रहे।