रामनगर के अस्पताल में मरीज को भभूत लगाता डंगरिया।
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रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती दो महिला मरीज रात में अचानक नाचने लगीं। इस दौरान दोनों में झगड़ा होने से अफरातफरी मच गई। अन्य मरीज बेड छोड़कर भाग गए। बाद में दवा के बजाय भभूत लगाकर दोनों महिलाओं को शांत किया गया।
सरकारी अस्पताल में शनिवार रात सल्ट क्षेत्र जिला अल्मोड़ा से आई महिला बुखार के इलाज के लिए भर्ती हुई थी। प्राथमिक उपचार के दौरान ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था कि तभी अचानक महिला चिल्लाने लगी। डॉक्टर, नर्सों ने जांच की तो पाया कि वह ठीक थी, लेकिन वह चुप नहीं हो रही थी। डॉक्टरों ने तीमारदारों से कहा कि इन्हें कुछ नहीं हुआ है। इन्हें घर ले जाएं। कुछ ही देर बाद महिला अपने बेड से उठकर नाचते हुए चीखने लगीं। उसे देखकर उल्टी-दस्त से पीड़ित दूसरी महिला भी नाचने लगी और तू कौन, तू कौन कहते हुए दोनों भिड़ गईं।
यह दृश्य देख मरीज, उनके तीमारदार बाहर आ गए। जैसे-तैसे दूसरी महिला को वार्ड से बाहर कुर्सी में बैठाकर शांत कराया, लेकिन उस महिला की परेशानियां कम नहीं हुुई और वह शोर मचाने लगी। तब परिजनों ने अपने परिचितों को फोन कर डंगरिये को अस्पताल बुलाया। महिला को भभूत लगा कर डंगरिये ने उससे पूछा कि तू कौन है, तू क्या चाहती है, फिर भी शोर बंद नहीं हुआ। डरे मरीजों और तीमारदारों ने वार्ड के बाहर लगी बेंच और कुर्सी पर बैठकर रात बिताई।
स्टाफ नर्सों ने मरीज को घर ले जाने को कहा तो मरीज के परिजनों ने बताया कि उनका घर काफी दूर है। जंगल का रास्ता है। इसलिए सुबह ही घर जाएंगे। ऐसे में परेशान मरीजों को कुर्सी, बेंचों पर बैठकर रात बितानी पड़ी। रविवार तड़के 4:30 बजे परिजन अपने मरीज को ले गए, तब जाकर अन्य मरीजों ने अपने वार्डों में आकर आराम किया।