नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की ओर से भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर छ दिवसीय कार्यशाला शुरू हो चुकी है। पहले दिन प्राध्यापकों व शोधार्थियों को भारतीय ज्ञान को अपग्रेड करने का प्रशिक्षण दिया गया।
सोमवार से हार्मिटेज भवन में आयोजित भारतीय ज्ञान परंपरा विषय कार्यशाला में मुख्य वक्ता मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की डॉ. रुचिका सिंह व दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. प्रशांत रहे। डॉ. रुचिका ने प्राध्यापकों को भारतीय ज्ञान को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री ही नहीं छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देना होगा। इतिहास के संग्रह के लिए म्यूजियम है लेकिन इतिहास के जानकारी के साथ ही उसके तथ्यों को जानना आवश्यक है। उन्होंने कहा भारतीय ज्ञान पर अपना दृष्टिकोण बनाना होगा। संचालन डॉ. दिव्या जोशी ने किया। इस मौके पर प्रो. युगल जोशी, डॉ. रीतेश साह, डॉ. किरन तिवारी, डॉ. मोहित रौतेला, डॉ. दीपा आर्या आदि मौजूद रहे।