गरमपानी/धानाचूली/पहाड़पानी(नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश अब मुसीबत बनने लगी है। धानाचूली क्षेत्र में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक अस्पताल की सुरक्षा दीवार के एक ही बारिश में गिरने से लाखों की लागत से बन रहे अस्पताल के भवन को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा दीवार के गिरने पर विभाग और ठेकेदार की ओर से भवन निर्माण में किए जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से जांच करने की मांग की है। इधर लगातार हो रही बारिश से शिप्रा और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है।
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रातीघाट और पाडली के पास पेड़ गिरने से वाहन चालकों और यात्रियों को दो घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। गनीमत रही कि पेड़ के गिरते समय कोई वाहन सड़क पर नहीं था। घटना की सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस और एनएच के अधिकारियों ने पेड़ काटकर सड़क पर यातायात सुचारु किया। लोहाली में बुधवार की रात सड़क किनारे खड़ी कार पर बोल्डर गिरने से गाड़ी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। कैंची धाम क्षेत्र में भी मलबा और पत्थर गिरने से जाम की समस्या बनी रही। धानाचूली-पहाड़पानी मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात बंद रहा।
सतबुंगा के दुत्कानेधार के पास पहाड़ी से मलबा गिरने से एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। क्षेत्र के मोहन सिंह ने बताया कि मलबा आने से सड़क पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में विभाग ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कराया। लोनिवि के सहायक अभियंता एमके महतोलिया ने बताया कि जेसीबी मशीन के माध्यम से मलबा हटाकर सड़क पर यातायात सुचारु किया गया।