नैनीताल। सुकून की तलाश में पहुंचे सैलानियों के लिए शनिवार रात कभी न भूलने वाली रही। दरअसल वीकेंड पर शनिवार को नैनीताल में पर्यटकों का रेला उमड़ गया। होटलों में मनमाने रेटों पर कमरे मिलने से कई पर्यटकों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पर्यटन प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
शनिवार व रविवार को नैनीताल में सैलानियों के उमड़ने से होटल पैक रहे। इसके बाद देर शाम कई होटल संचालकों ने रेट अचानक बढ़ा दिए। ऐसे में कई पर्यटक बजट के अनुसार होटल खोजते रहे। पर उचित दाम में होटल नहीं मिलने पर कई पर्यटक तल्लीताल क्षेत्र में खुले में सोए रहे तो कई पर्यटकों ने अपनी कारों में रात बिताई। सुबह सवेरे मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला ने तल्लीताल डांठ पर सोए पर्यटकों की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाली तो वह वायरल हो गई। वीडियो में पर्यटकों ने बताया कि शहर में होटल आसानी से उपलब्ध नहीं थे। उपलब्ध कमरों का किराया सात हजार रुपये या उससे अधिक बताया गया। इस कारण कई परिवार होटल नहीं ले सके और रात खुले में बिताने को मजबूर हुए। वायरल पोस्ट पर लोगों ने कमेंट किए। किसी ने कहा कि प्रशासन की ओर से होटलों के कमरों का किराया तय होना चाहिए। तो किसी यूजर ने पर्यटन को नियंत्रण करने के लिए प्रशासन से ठोस योजना बनाने की मांग की।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। इन समस्याओं के समाधान के लिए होटल एसोसिएशन से भी वार्ता की जाएगी। प्राथमिकता के साथ होटल, होम स्टे व रिजॉर्ट में रेट लिस्ट लगवाई जाएगी ताकि सभी पर्यटकों को सही दर पर आसानी से कमरे मिल सकें।
ललित मोहन रयाल, डीएम नैनीताल