नैनीताल। मिशन अतिथि के तहत कुमाऊं भर के पुलिस कर्मियों का दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार से शुरू हो गया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के पर्यटन विकास अधिकारी और प्रशिक्षक दीपक पांडे प्रतिभागियों को अतिथि देवो भव: के गुर सिखाएंगे ताकि पर्यटक सीजन के दौरान कुमाऊं में आने वाले सैलानियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने किया। उन्होंने अच्छा आचरण, व्यवहार, शिष्टाचार, पर्यटन संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में बताते हुए सभी पुलिस कर्मियों से अपने क्षेत्र में पर्यटकों के साथ विनम्र एवं शालीन व्यवहार करने का आह्वान किया। कहा कि फील्ड में होने वाले अनुभवों को भी पुलिस कर्मी साझा करें।
डीआईजी ने सैलानियों को उचित सूचना और सहायता उपलब्ध कराने के लिए पर्यटक मित्र बनाने, पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम का अधिकाधिक प्रयोग करने, पर्यटकों की जानकारी के लिए प्रमुख स्थानों पर साइन बोर्ड व संबंधित जिले के मुख्य अधिकारियों व थानों के मोबाइल नंबर बोर्ड पर दर्ज करने, प्रवेश और निकासी द्वारों पर सुझाव रजिस्टर रखने, टूरिस्ट पुलिस बूथों का निर्माण करने, विभिन्न स्थानों पर पुलिस सूचना केंद्र बनाने, सैलानियों को पंफलेट से हेल्प लाइन नंबरों की जानकारी देने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के पहले दिन पर्यटन सीजन में ड्यूटी कर चुके पुलिस उपनिरीक्षकों और सिपाहियों ने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण में कुमाऊं के प्रमुख पर्यटक स्थलों नैनीताल, कौसानी, गंगोलीहाट, बेरीनाग, मुक्तेश्वर समेत कुमाऊं परिक्षेत्र के विभिन्न थानों के 95 कांस्टेबल और 18 उपनिरीक्षक भाग ले रहे हैं।
इन बिंदुओं पर दिया जा रहा है प्रशिक्षण
नैनीताल। केएमवीएन के पर्यटन विकास अधिकारी दीपक पांडे ने प्रशिक्षण के पहले दिन पुलिस कर्मियों को शिष्टाचार, कुशल आचरण, संचार कौशल, धार्मिक स्थलों, होटलों, गेस्ट हाउसों, पार्किंग स्थलों की पूर्ण जानकारी रखते हुए पर्यटकों को उचित जानकारी देने, पर्यटन से संबंधित एजेंसियों पुलिस हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम, डायल 112, कुमाऊं मंडल विकास निगम व पर्यटन विभाग की पूरी जानकारी रखने, अतिथि देवो भव: की अवधारणा को साकार करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों, पर्यटन पुलिस और सेवा प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।