नैनीताल। नैनीताल में लगातार हो रही बारिश की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। कई जगह से भूस्खलन की खबरें हैं, जबकि कई सड़कों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ है। इससे यहां पहुंच रहे सैलानियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घंटों की बारिश के बाद नैनीझील के जलस्तर में भी साढ़े छह इंच का इजाफा हुआ है। अब झील का जलस्तर आठ फुट साढ़े चार इंच पहुंच गया है।
बता दें कि लगातार बारिश से मल्लीताल मेट्रोपोल कंपाउंड क्षेत्र में पार्किंग के पास हुए भूस्खलन से क्षेत्र के आवासों को खतरा पैदा हो गया है। इस बीच भवाली, हल्द्वानी और कालाढूंगी मोटर मार्गों के साथ ही नगर के आंतरिक मोटर मार्गोेें में भी कई जगह पर भूस्खलन और कई जगह पेड़ गिरे हैं। नगर में दोपहर एक बजे बाद कुछ देर के लिए बारिश रुकी और मौसम खुलने लगा, लेकिन कुछ देर के बाद फिर बारिश का दौर शुरू हो गया।
नैनीताल भ्रमण पर पहुंच रहे पर्यटकों को भी बारिश की वजह से खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रताप सिंह बिष्ट के अनुसार केंद्र में 24 घंटे के भीतर 101 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। जबकि अधिकतम तापमान 23, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। नैनीझील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा ने बताया कि झील का जलस्तर आठ फुट साढ़े चार इंच पहुंच गया है।
बारिश के चलते जिले के आठ मोटर मार्ग बंद
जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार लगातार हो रही बारिश की वजह से जिले के आठ मोटर मार्ग पूरी तरह से बंद हैं। इनमें रानीबाग-भीमताल राज्य मार्ग समेत ग्रामीण मार्गों में क्रमश: गांधीग्राम-पस्तोड़ा, भौर्सा-पिनरौ, अमृतपुर-बानना- बबियाड, डालकन्या-गौनियारों, छीड़ाखान-अमजड़, खुजेठी- पतलिया तथा एचएमसी-ब्रेबरी मार्ग शामिल हैं।
बल्दियाखान के पास भूस्खलन, गांव में पहुंचा मलबा
नैनीताल। बल्दियाखान कूण गांव के पास जंगल में भूस्खलन हो गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव के ऊपर बन रही पानी की टंकी के लिए खुदाई का कार्य चल रहा था। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते टंकी वाले स्थान से मलबा बहकर गांव तक पहुंच गया।
सूचना पर ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हिमांशु पांडे ने मौका मुआयना कर जिला प्रशासन को सूचना दी। इस पर जिला प्रशासन की टीम ने खतरे को देखते हुए माया देवी का घर खाली करवा कर उन्हें परिजनों के घर में ठहरा दिया है। सूचना के बाद प्रशासन, वन विभाग व जलनिगम की टीम ने पहुंचकर मौका मुआयना किया। साथ ही पानी की टंकी का काम कर रहे मजदूरों ने मौके पर पहुंचकर मलबा साफ करना शुरू कर दिया। ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हिमांशु पांडे ने बताया कि कूण में तीन परिवारों को अब भी खतरा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वह परिवारों की सुरक्षा का ध्यान दिया जाए। उन्होंने जलनिगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। गनीमत रही कि भूस्खलन से कोई जनहानि नहीं हुई।
इधर, जल निगम के एई एससी भट्ट का कहना है कि भूस्खलन जंगल में हुआ है, जिसका मलबा गांव के खेतों तक जा पहुंचा है। जिस जगह पर टंकी के लिए जगह समतल की गई है वह सुरक्षित है। - एससी भट्ट ऐई जल निगम, नैनीताल
मलबा आने से दो किमी तक लगा जाम
नैनीताल। बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते सड़कों में आने का सिलसिला जारी है। बीते दिन बल्दियाखान हनुमान मंदिर के पास मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। विभाग की ओर से मलबा साफ करने के बाद मंगलवार को फिर मलबा आने से सुबह यातायात बाधित रहा। इसके बाद जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया था। वहीं करीब 12 बजे ताकुला के पास पहाड़ी से मलबा आ गया। साथ ही दो पेड़ भी सड़क में गिर गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद विभाग ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया। इस दौरान ताकुला में दोनों ओर दो किमी लंबा जाम लगा रहा।
एनएच के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि बारिश के चलते सड़क में कई जगह मलबा आ चुका था। फिलहाल सड़क साफ कर दी है लेकिन बल्दियाखान हनुमान मंदिर के पास मलबा अब भी आ रहा है, जहां टीम व जेसीबी मौजूद है। - सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता एनएच