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अब रानीबाग पुल की सुरक्षा दीवार भी गिरी पुल को खतरा

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हल्द्वानी। रानीबाग के पास भीमताल रोड पर बने पुल को जोड़ने वाली सड़क के ध्वस्त होने के बाद अब पुल की सुरक्षा दीवार भी गिर गई है। इससे पुल को खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पुल को खतरा होने की बात से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि 23 जुलाई तक एप्रोच रोड को सही करा लिया जाएगा।
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मंगलवार को हुई बारिश के कारण पुल को बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार गिरने से लोक निर्माण विभाग की मेहनत पर पानी फिर गया। हालांकि, विभाग पुल को बचाने और एप्रोच रोड बनाने के लिए दिन भर जुटा रहा। तार के जाल से पुल और एप्रोच रोड बनाने का काम शुरू हो गया है।
जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं पुल
हल्द्वानी। दो पहिया वाहन स्वामियों को पुलिस पुल पार करने से नहीं रोक रही है। दो पहिया वाहन स्वामी टूटी एप्रोच रोड के बगल से ही वाहनों को निकाल रहे हैं। इससे खतरा बना हुआ है।
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समय पर पुल का निर्माण पुरा होना मुश्किल
अक्तूबर 2020 से बनना शुरू हुआ पुल, अभी बुनियाद ही बनकर हुई तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
हल्द्वानी। नए पुल की सुस्त रफ्तार के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही पुराने पुल और एक मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। 10 महीने में अब तक पुल की बुनियाद ही बन पाई है। सवाल उठ रहे हैं कि कैसे समय सीमा के भीतर पुल का निर्माण पूरा हो पाएगा।
भीमताल रोड में बढ़ते ट्रैफिक के कारण शासन ने रानीबाग के पास भीमताल रोड पर टू लेन पुल बनाने की स्वीकृति दी थी। इसके लिए 7.17 करोड़ का बजट भी पास किया। अक्तूबर 2020 में पुल बनाने का काम शुरू हुआ। अप्रैल 2022 में पुल बनाने की समय सीमा निर्धारित की गई है। सवाल उठ रहे हैं कि अभी तक पुल की बुनियाद ही बन पाई है। पीलर और उसके बाद लोहे का पुल बनना है। इतने कम समय में कैसे काम पूरा हो पाएगा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता एबी कांडपाल का कहना है कि पुल को समय सीमा में बना दिया जाएगा। ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 23 जुलाई तक एप्रोच रोड सही कर दी जाएगी।
वीरभट्टी के अस्थायी वेली ब्रिज पर बढ़ गया दबाव
नैनीताल। रानीबाग पुल से आवागमन ठप होने के कारण ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग में वीरभट्टी के अस्थायी वेली ब्रिज पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। हालांकि यहां 4.62 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन टू लेन स्टील गार्डर पुल पर यातायात सुचारु होने में अभी दो से तीन माह का समय लग सकता है।
सितंबर 2017 में राष्ट्रीय राजमार्ग में एक कुकिंग गैस के ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने से लगभग 103 वर्ष पुराना ऐतिहासिक पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। तब इस पुल को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था और वैकल्पिक यातायात के लिए वेलीब्रिज का निर्माण किया गया। हालांकि वेली ब्रिज बनते बनते तकनीकी कमियों के चलते टेडमेड़ा और तिरछा हो गया था। बाद में बमुश्किल इसे यातायात के लायक बनाया गया। इसके बाद ही एनएच ने यहां डबल लेन स्टील गार्डर पुल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा। वर्ष 2019 में पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद वर्ष 2019-2020 में काम शुरू किया गया। पुल को जुलाई 2021 में बनकर तैयार हो जाना था। अभी पुल के ढांचे को खड़ा किया गया है।
एनएच के एई एमसी जोशी के अनुसार कोविड काल में मजदूरों की कमी और अन्य कारणों से कार्य की गति धीमी रही। पुल को चालू होने में दो से तीन माह का समय लग सकता है।
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