बुराइयों से छुटकारे की रात यानी शब-ए-बरात मंगलवार को है। उलमा का कहना है कि इस रात में इबादत करें, अपने अजीजों के लिए दुआएं करें। खुद भी गुनाहों से बचें और दूसरों को भी बचाएं।
माहे शाबान की 15 तारीख को शब-ए-बरात मनाई जाती है। इसके 15 दिन बाद रमजान का महीना शुरू हो जाता है। शब-ए-बरात के मौके पर मस्जिदों, खानकाहों और कब्रिस्तान में साफ-सफाई कर रोशनी की खास व्यवस्था की गई है। जामा मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद आजम कादरी ने लोगों से अपील की कि इस रात को गनीमत समझें। ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, बुराइयों से बचें। साथ ही कोई भी एक बड़ी बुराई हमेशा के लिए छोड़ने का संकल्प लें।
इधर, नैनीताल में भी इस खास रात की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नाजिम बख्श ने बताया कि मस्जिदों और कब्रिस्तानों को विशेष तरीके से सजाया गया है। इस रात में लोग इबादत करते हैं और अगले दिन का रोजा रखते हैं।