रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज के दाबका क्षेत्र में विगत दिनों रेस्क्यू के दौरान बाघ को जेसीबी के पंजे से दबाने के मामले में एनटीसीए की जांच टीम देर रात रामनगर पहुंचेगी। टीम मंगलवार को इस मामले की जांच करेगी।
विगत दिनों दाबका नदी में बहू व ससुर को मारने के बाद बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने के बाद रेस्क्यू टीम ने जेसीबी के पंजे से दबाया था। बाद में बाघ की मौत हो गई थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल और अमर उजाला में खबर छपने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग की डीएफओ कहकशां नसीम ने बताया कि घायल बाघ अन्य लोगों पर भी हमला कर सकता था। इसलिए जेसीबी के पंजे से बाघ को काबू किया गया था। इससे बाघ को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि इसकी जांच के लिए एनटीसीए की टीम देर रात तक रामनगर पहुंच जाएगी।
इसमें एनटीसीए के डीआईजी संजय कुमार, निशांत वर्मा के साथ ही डिप्टी डायरेक्टर वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो राजेश्वर सिंह ठाकुर भी पहुंच रहे हैं। डीएफओ कहकशां नसीम ने कहा कि मंगलवार को बाघ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ जाएगी।