कार्बेट पार्क में विगत नौ अप्रैल की रात बाघ द्वारा बीट वॉचर हरिराम को अपना निवाला बनाने के बाद बाघ शांत नहीं बैठा। उसने हाथी पर गश्त पर निकले वनाधिकारियों पर भी हमला बोल दिया। जिससे बाद तत्काल बाघ को पकड़ने के आदेश जारी करते ही क्षेत्र में दो पिंजरे व चार कैमरा ट्रेप लगा दिये गये हैं।
दरअसल श्रमिक की मौत के बाद खीनानोली रेंज के कमरपट्टा क्षेत्र में प्रमुख वन संरक्षक दिग्विजय सिंह खाती, अवैतनिक वन्य जीव प्रतिपालक विजेंद्र सिंह, पार्क निदेशक समीर सिन्हा तथा एक फारेस्ट गार्ड रविवार की सुबह हाथी से बाघ को देखने गये।
जैसे ही वह कमरपट्टा के जंगल से दो किमी अंदर गये तो बाघ जंगल में बैठा मिला। बाघ ने जैसे ही हाथी को देखा वह उनके ऊपर झपटने के लिये दौड़ पड़ा। जैसे तैसे फारेस्ट गार्ड ने फायर कर बाघ को भगाया। तब जाकर अधिकारियों की सांस में सांस आई।