रामनगर के कॉर्बेट से पकड़ा गया बाघ राजाजी पार्क में इस तरह छोड़ा गया।
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना रेंज से पकड़ा गया बाघ हरिद्वार स्थित राजाजी पार्क में क्षेत्र चिह्नित करना शुरू कर दिया है। हालांकि राजाजी पार्क में बाघ को छोड़ते समय वन कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि बाघ पिंजरे में बेहद गुस्से में था और बार-बार दहाड़ रहा था। यह जानकारी सीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ने दी है। वहीं सीटीआर से पकड़कर छोड़ी गई बाघिन ने राजाजी पार्क में सांभर का शिकार किया है।
बीते शुक्रवार को सीटीआर के झिरना रेंज के लालढांग क्षेत्र में पशु चिकित्सक डॉ. शर्मा की टीम ने छह वर्षीय बाघ को बेहोश कर पकड़ा था और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए उसके गले में रेडियो कॉलर लगाया था। इसके बाद रात में टीम बाघ को लेकर हरिद्वार निकल गई। डॉ. शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब छह बजे टीम ने राजाजी पार्क के मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघ को उस जगह छोड़ा, जहां 23 दिसंबर को पकड़ी गई बाघिन को छोड़ा था।
डॉ. शर्मा ने बताया कि जिस समय बाघिन को छोड़ा था वह पिंजरे में शांत थी, लेकिन बाघ बेहद गुस्से में था। वह बार-बार दहाड़ रहा था और उसके हिंसक होने का खतरा बना था। ऐसे में सावधानी से बाघ के पिंजरे को धीरे-धीरे खोला गया और सभी वनकर्मियों को उसके आसपास से हटने को कहा गया। पिंजरा खुलते ही बाघ दहाड़ कर जंगल में चला गया। बताया कि शनिवार और रविवार को बाघ जंगल के अलग-अलग हिस्सों में जाकर टैरेटरी का चिन्हीकरण कर रहा था। हालांकि इस दौरान उसका बाघिन से आमना-सामना भी हुआ। बताया गया कि बाघिन ने राजाजी पार्क में सांभर का पहला शिकार किया है।