झील विकास प्राधिकरण सरोवर नगरी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण की गोपनीय सूचनाएं जुटा रहा है। इसके माध्यम से मिली सूचना के आधार पर अवैध निर्माण को सील कर ध्वस्तीकरण अभियान भी शुरू कर दिया है।
प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण करा रहे तीन लोगों के निर्माण ध्वस्त कर दिए जबकि छह लोगों के निर्माण कार्यों को सील करा दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से सरोवर नगरी और आसपास के क्षेत्रों में गुपचुप रूप से निर्माण कार्य करा रहे लोगों में खलबली मच गई।
झील विकास प्राधिकरण के सचिव श्रीश कुमार को विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का प्रभारी बनाया गया है। उनकी व्यस्तता का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने अवैध निर्माण कार्य शुरू करवा दिए थे।
इसलिए प्राधिकरण के सचिव ने प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण कार्यों की सूचनाएं गोपनीय रूप से तलब की। जांच में अवैध निर्माण की सूचनाओं के सही मिलने पर शनिवार को श्रीश कुमार प्राधिकरण टीम के साथ नौ अवैध निर्माण कार्यों पर सख्ती दिखाई।
प्राधिकरण सचिव ने बताया कि आल्मा कॉटेज ब्रेसाइड निवासी मोहन चंद्र मिश्रा ने दरवाजे तक भवन की चिनाई कराई थी, जिसे मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया। ब्रेहाउस कंपाउंड निवासी रमेश चंद्र नैनवाल के भवन, धर्मपुर लॉज के पास शबनम द्वारा कराया जा रहा निर्माण ध्वस्त किया गया।
उन्होंने बताया कि जुबली हॉल निवासी बंटी कुमार के होटल में कराए जा रहे निर्माण कार्य, रतन कॉटेज में नारायण सिंह सांगा के निर्माण कार्य समेत मैट्रोपाल होटल परिसर में मुख्य मार्ग से नीचे की ओर शाकिर अली, हसमत अली, खलीक अहमद, फारूख अहमद के अवैध निर्माण कार्यों को सील कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दोबारा अवैध निर्माण होता मिला तो उसे ध्वस्त कर सील कर दिया जाएगा। इस टीम में परियोजना प्रबंधक सीएम साह, अवर अभियंता जेपी डबराल, सुपरवाइजर पूरन, महेश, चंदन, खुशाल आदि थे।