नैनीताल। डीएसबी परिसर में 27 सितंबर को होने जा रहे छात्रसंघ चुनाव में इस वर्ष अध्यक्ष पद पर एबीवीपी और काला झंडा गुट के बीच टक्कर होगी। इस बार एनएसयूआई ने अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है। एबीवीपी से तनिष्क मेहरा और काले झंडे से करन सती मैदान में हैं।
डीएसबी परिसर के छात्रसंघ चुनाव में बीते कई वर्षों से एनएसयूआई और एबीवीपी के पास छात्रसंघ अध्यक्ष की कमान रही है। वर्ष 2018 में भीतरघात के चलते एबीवीपी दो गुटों में बंट गई थी। तबन निर्दलीय प्रत्याशी महेश सिंह महर ने एबीवीपी और एनएसयूआई को हराकर दस वर्ष पुराना इतिहास दोहराया था।
इसके बाद वर्ष 2019 में एबीवीपी के विशाल वर्मा ने 1333 वोट पाकर जीत दर्ज की थी। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव नहीं हो पाए। वर्ष 2022 में काले झंडे ने शुभम बिष्ट पर दांव खेला और बिष्ट ने छात्र संगठनों की आपसी कलह का फायदा उठाते हुए 434 मतों से जीत दर्ज की। डीएसबी के पांच हजार मतदाता शनिवार को अपनी सरकार चुनेंगे।