हल्द्वानी। प्रदेश के 29 डिग्री कॉलेजों में लंबे समय से प्राचार्य के पद खाली हैं। तैनाती के लिए उच्चशिक्षा निदेशालय और शासन के बीच प्रस्ताव-प्रस्ताव का खेल चल रहा है। निदेशालय प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजता है और शासन से कोई न कोई आपत्ति लगकर प्रस्ताव फिर निदेशालय वापस आ जाता है।
उच्चशिक्षा निदेशालय ने फिर प्राचार्यों के पदों के लिए डीपीसी किए जाने को प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव में वरिष्ठता की सूची के आधार पर 87 प्राध्यापकों के नाम शामिल कर भेजे हैं। सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों के सेवाकाल का पूरा इतिहास दिया गया है। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर प्राचार्य पद पर डीपीसी की ओर से चयन किया जाएगा। इधर, 14 डिग्री कालेजों में प्रभारी प्राचार्य बनाकर भी भेजे गए लेकिन इनका भी प्राचार्य पद पर चयन नहीं हो सका है।
इन कॉलेजों में खाली हैं प्राचार्य के पद
1. डिग्री कॉलेज बलुवाकोट, ब्रह्मखाल, बनबसा, गंगोलीहाट, लक्सर, गरुडावांज, जसपुर, तल्ला सल्ट, भतरौजखान, पोखरी पट्टी क्वीली, शीतलाखेत, थत्यूड़, पोखड़ा, गैरसैंण, तलवाड़ी, गणाई गंगोली, नंदासैण, गरुड़, लमगड़ा, कांडा, दोषापानी, कपकोट, चिन्यालीसौड, नरेंद्रनगर, पोखाल, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, देवीधुरा।
तैनाती के बाद भी पदभार ग्रहण नहीं किया
हल्द्वानी। शासन ने दो माह पहले डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग के प्राचार्य विश्वनाथ खाली का स्थानांतरण जोशीमठ किया था लेकिन उन्होंने अब तक पदभार ग्रहण नहीं किया। शासन के आदेश के बाद भी प्राचार्य खाली ने ज्वाइन नहीं किया है। इसी तरह डिग्री कॉलेज टनकपुर की प्राचार्य गुड्डी प्रसाद को पदोन्नति कर जोशीमठ कालेज का प्राचार्य नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने पदोन्नति को अस्वीकार कर सूचना उच्चशिक्षा निदेशालय और शासन को भेज दी मगर इस बारे में शासन स्तर पर दो माह से कोई निर्णय नहीं हो सका है।
डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के खाली पदों पर जल्द नियुक्ति हो सके, इसके लिए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। शासन स्तर पर जल्द ही डीपीसी होने की उम्मीद है।
- डॉ. एनपी माहेश्वरी, उच्चशिक्षा निदेशक