बारिश न होने से गौला का जल स्तर दिन-ब-दिन गिरता जा रहा है। इस साल अब तक भीमताल झील से पानी नहीं दिए जाने से भी गौला के जलस्तर की पूर्ति नहीं हो पा रही है। नतीजतन शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के साथ ही पेयजल संकट गहरा गया है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से जहां सब्जियां और फसलें सूख रही हैं, वहीं शहरवासियों को पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पानी नहीं मिलने से किसानों के साथ ही आम नागरिक खासे चिंतित हैं।
सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अवर अभियंता नवीन पांडेय ने बताया कि रविवार को गौला का जल स्तर गिरकर 98 क्यूसेक रह गया। उन्होंने बताया कि विभाग पेयजल के लिए जल संस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को रोजाना 30 क्यूसेक पानी दे रहा है। क्षेत्र की सिंचाई के लिए उपलब्ध सिंचित भूमि के लिए रोजाना 130 क्यूसेक पानी चाहिए, लेकिन उपलब्धता कम होने से रोस्टर बनाकर सिंचाई के लिए हर तीसरे दिन किसानों को पानी दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सिंचाई के लिए गौला से पचास फीसदी पानी मिल रहा है, जिस वजह से किसानों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
इधर, गौला से जल संस्थान को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लाइनों में फोर्स कम है, जिस कारण शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पेयजल सप्लाई प्रभावित हुई है। जल संस्थान के सहायक अभियंता आरपी डोबवाल का कहना है कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
एक हफ्ते में गिरता जलस्तर
दिनांक जलस्तर
01.06.15 110 क्यूसेक
02.06.15 108 क्यूसेक
03.06.15 106 क्यूसेक
04.06.15 105 क्यूसेक
05.06.15 100 क्यूसेक
06.06.15 100 क्यूसेक
07.06.15 98 क्यूसेक