रामनगर (नैनीताल)। राजाजी पार्क के 550 वर्ग किमी के मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में पिछले साल कॉर्बेट से एक बाघ और एक बाघिन को शिफ्ट किया गया था। दोनों एक दूसरे के विपरीत दिशा में चले गए और दोनों एक साल बाद भी एक दूसरे से नहीं मिले। दोनों की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। अब दोनों के बीच की दूरी महज 10 किमी रह गई है। राजाजी पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द दोनों एक दूसरे से मिलेंगे और राजाजी पार्क में भी बाघों का कुनबा बढ़ेगा।
हरिद्वार के राजाजी नेशनल पार्क में सात साल से दो ही बाघिन हैं, जिसमें एक का पता नहीं चल रहा है। ऐसे में मोतीचूर में बाघों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। वर्ष 2016 में मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए कॉर्बेट लैंडस्केप से बाघ शिफ्ट करने की योजना बनी थी। 2017 में इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से स्वीकृति मिली थी। 23 दिसंबर 2020 को कॉर्बेट के बिजरानी रेंज से एक बाघिन और 6 जनवरी 2021 को झिरना रेंज से एक बाघ को शिफ्ट किया गया था। दोनों एक दूसरे के विपरीत दिशा में चले गए थे। अब दोनों एक दूसरे की दिशा की ओर बढ़ रहे है। वनकर्मी लगातार दोनों पर नजर बनाए हुए हैं।
कोट
- दोनों जब एक दूसरे से मिलेंगे तब बाघों का कुनबा बढ़ेगा। कॉर्बेट से अभी दो बाघिन, एक बाघ को और भेजा जाना है, जिसकी तैयारी चल रही है। जल्द ही बाघों को भेजा जाएगा। - डॉ. दुष्यंत शर्मा, पशु चिकित्सक, कॉर्बेट पार्क