वन ग्राम को राजस्व गांव बनाने की मांग कर रहे ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन 15वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने तहसील में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहीं सांवल्दे वन चौकी में भी जेल में बंद सात लोगों की रिहाई के लिए ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
कांग्रेस अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एसलाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार जहां गरीबों को सुविधाएं देने की बात कर रही है, वहीं वन ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी भी कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार को चेताया कि यदि शीघ्र वन ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नही मिलीं तो लोकसभा और विस चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान गौरा देवी, रमोती देवी, हरीश पंचवाल, हरीराम, पार्वती देवी, सरस्वती तिवारी, हंसी देवी, लक्ष्मी शर्मा, गोपाल शर्मा, एनआर स्नेही, उमाकांत ध्यानी आदि मौजूद थे।
वहीं, सांवल्दे के ग्रामीणों ने जेल में बंद सात लोगों की रिहाई के अलावा जंगली जानवरों से इंसानों, मवेशियों, फसलों की सुरक्षा करने, ईको सेंसिटिव जोन रद्द करने की मांग की। इस दौरान मनमोहन सिंह बिष्ट, कमला रावत, नरेंद्र सिंह बोरा, गणेश नेगी, तारा दत्त बेलवाल, दीपा डोर्बी, चंपा देवी, भैरव सिंह, दामोदर भट्ट, तुलसी जोशी, भगवती जोशी, संजय मेहता, श्याम सिंह, हेम चंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।