हल्द्वानी। 1834 में वजूद में आए हल्द्वानी शहर ने कई बदलाव देखे हैं। इसी शहर में 1930 में एक विद्यालय की स्थापना हुई थी जो प्राइमरी से शुरू होकर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सोपान तक पहुंचा।
संभवत: हल्द्वानी में एकमात्र विद्यालय होगा, जिसके भवन में अभी भी पर्वतीय अंचल (पत्थर-चूना से निर्मित) की झलक बाकी है। 93 साल से शिक्षा की अलख जगा रहे इस विद्यालय के कई भवनों की हालत अब खस्ता हो गई है। कई इमारत खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। शुक्रवार को डीएम समेत अन्य अधिकारी निरीक्षण को पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अब विद्यालय को नए सिरे से बनाने और संवारने की योजना पर मंथन हुआ। इसके साथ ही कई नई सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
मॉडल स्कूल और छात्रावास बनाने की योजना
हल्द्वानी। जीजीआईसी करीब 21 बीघा में फैला हुआ है। इसके कई भवन खंडहर हो चुके हैं। जिनमें पढ़ाई चल रही है उनकी हालत भी खस्ता है। भवनों में सीलन है। छज्जों से सरिया झांक रही हैं। डीएम वंदना ने काॅलेज परिसर का निरीक्षण कर हाल जाना है। अब तय हुआ कि इसे मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किया जाए, जो भवन बेकार हो चुके हैं उन्हें ध्वस्त कर नई इमारत बने। इसमें एकीकृत तौर व्यवस्था हो। एक ही स्थान पर कक्षा, लैब हो। इसके अलावा मीटिंग रूम, एक बड़ा हाल से लेकर लाइब्रेरी का निर्माण हो। इसके अलावा बालिकाओं के लिए छात्रावास बनाने की योजना है। गेट के पास दो मंजिला पार्किंग बनाने की योजना पर भी विचार किया गया है। इसमें दो स्टोरी पार्किंग होगी और उसके ऊपर की भूमि विद्यालय के पास रहेगी। इससे विद्यालय के साथ अन्य लोगों को भी पार्किंग की सुविधा मिल सकेगी।
सड़क चौड़ा करने के लिए विद्यालय की भूमि का उपयोग
हल्द्वानी। जेल रोड की सड़क की चौड़ाई कम है। इसके कारण मार्ग पर कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से वीआईपी मूवमेंट भी होता है। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय का कहना है कि इस मार्ग से सटकर विद्यालय परिसर है। विद्यालय से दो मीटर और सड़क के दूसरी तरफ एक मीटर मार्ग तक चौड़ाई में भूमि लेकर मार्ग की चौड़ाई को बढ़ाया जा सकता है। इससे यातायात सुगम होगा। सभी योजनाओं के लिए जिलाधिकारी लोक निर्माण विभाग को डीपीआर बनाने का निर्देश दिया है। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसमें विद्यालय की आवश्यकताओं के संबंध में लोक निर्माण विभाग को अवगत कराया जाएगा। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, मुख्य शिक्षाधिकारी जगमोहन सोनी, खंड शिक्षाधिकारी हरेंद्र मिश्रा, ईई अशोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।