भाजपा की परिवर्तन रैली में नारेबाजी करते भाजपाई
- फोटो : अमर उजाला
परिवर्तन रैली के दौरान भाजपा नेताओं के बीच शक्ति प्रदर्शन की होड़ मच गई। वजह साफ थी कई नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट की मजबूत दावेदारी करना था। शक्ति प्रदर्शन करने वाला हर नेता मंच के सामने पहुंचने को आतुर था। इससे कार्यक्रम स्थल पर (गैलरी)में कई बार अव्यवस्था उत्पन्न हुई। इसको लेकर मंच से नेताओं को भीड़ हटाने का अनुरोध तक करना पड़ा।
सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने थोड़ी नाराजगी के साथ एक दावेदार को अपने समर्थकों को ले जाने तक के लिए कह दिया। मंच से पूर्व सीएम व सांसद भुवन चंद खंडूरी संबोधित कर रहे थे, इसी बीच एक जुलूस पहुंच गया, तो उनको भी कहना पड़ा कि अगर यह भोंपू बजा, तो मेरा भोंपू सुनाई नहीं देगा, लेकिन इस नाराजगी और डॉट का असर कुछ ही देर तक रहा। कुछ देर बाद कोई और जुलूस पहुंचता और स्थिति जस की तस हो जाती थी।
समर्थकों के इस तरह शोर मचाते हुजूम के साथ पूर्व पालिका अध्यक्ष रेनू अधिकारी, हेमंत द्विवेदी, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, खटीमा के विधायक पुष्कर धामी पहुंचे थे। खटीमा विधायक बैंड बाजे के साथ एक समर्थक के कंधे पर बैठकर आए थे।
नेताओं के समर्थकों ने बताया कि विधानसभा का टिकट पाने के लिए शक्ति प्रदर्शन जरूरी था। काफी नेता अपने समर्थकों को बसों से लेकर आए थे। इसी प्रकार कई अन्य नेता गाजे बाजे के साथ रैली स्थल पर भीड़ का प्रदर्शन करने के लिए आए थे। सभा समाप्त होने पर कुछ नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने के लिए दौड़ लगायी लेकिन उनकी मुराद अधूरी रह गई।