फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital: हेलो...आपके गांव में सब ठीक है, कंट्रोल रूम से पूछी जा रहीं आपदा प्रभावित गांवों के लोगों की परेशानी

Thu, 17 Jul 2025 10:33 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल कलेक्ट्रेट में स्थापित आपदा कंट्रोल रूम से आपदा प्रभावित गांवों में फोन कर वहां के ग्रामीणों का हाल जाना जा रहा है। यहां से करीब 10 से 12 गांवों में फोन कर रोज वहां के बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं के प्रसव की तारीख की जानकारी ली जा रही है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नैनीताल कलेक्ट्रेट में स्थापित आपदा कंट्रोल रूम से आपदा प्रभावित गांवों में फोन कर वहां के ग्रामीणों का हाल जाना जा रहा है। यहां से करीब 10 से 12 गांवों में फोन कर रोज वहां के बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं के प्रसव की तारीख, गांव में आपदा के दौरान क्षति और बंद सड़कों की जानकारी ली जा रही है। एक जुलाई से व्यवस्था शुरू होने के बाद 150 से अधिक ग्रामीणों से संपर्क किया गया है। यहां से फोन कॉल पर कई ग्रामीणों ने समस्याएं बताईं। इन समस्याओं का प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर निराकरण भी कर रहा है।

केस एक

विज्ञापन

तहसील कैंचीधाम के ताड़ीखेत गांव में चार जुलाई को कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया। यहां की रोशनी आर्या से गांव में बीमार, बंद सड़कों और गर्भवती महिलाओं के बारे में जानकारी ली गई। हालांकि वहां सब सामान्य मिला।

केस दो
तहसील धारी के जलना गांव में पांच जुलाई को कंट्रोल रूम प्रभारी कमल सिंह ने फोन कर ग्रामीण विनोद कुमार से वार्ता की। विनोद कुमार ने बताया बारिश से गांव की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।

केस तीन

विज्ञापन

बेतालघाट के सूखा गांव में यहां की विमला देवी से कंट्रोल रूम से फोन कॉल पर संपर्क किया गया। इस पर बताया गया कि गांव में एक गर्भवती महिला है। इस पर महिला की संभावित प्रसव की तारीख नोट की गई जिससे महिला को समय से पहले अस्पताल पहुंचाया जा सके।

पहले लोग देते थे सूूचना
पहले लोग आपदा कंट्रोल रूम में नुकसान की सूचना देते थे लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए डीएम वंदना ने यह प्रयास शुरू कराया है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे तीन शिफ्टों में दो-दो कर्मचारी तैनात रहते हैं।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्याएं पूछी जा रही हैं। इससे आपात स्थिति में गांवों में मदद पहुंचाने में आसानी होगी। रास्ता बंद होने पर गर्भवती को समय से पहले अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज किया जा सकता है। वंदना सिंह, डीएम नैनीताल

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें