हल्द्वानी। ईद के चांद का दीदार होते ही रविवार की शाम चारों तरफ खुशियां छा गईं। बाजार गुलजार हो उठे। लोगों ने रात भर खरीदारी की। सोमवार को ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज होगी। ईदगाह में नमाज का वक्त सुबह साढ़े आठ बजे मुकर्रर किया गया है। यहां मस्जिद बंजारान के पेश इमाम मौलाना अब्दुल बासित नमाज पढ़ाएंगे।
तड़के उठना, सहरी खाकर रोजा रखना और दिन भर भूखे-प्यासे रहकर शाम को इफ्तार करने का महीने भर से चल रहा सिलसिला रविवार को चांद के दीदार के साथ थम गया। शाम को इफ्तार के बाद लोग छतों पर चढ़ गए। तभी बादलों की ओट से चांद निकला तो सभी के चेहरे खुशी से चमक उठे, मस्जिदों से सायरन बजने लगे, मुबारकबाद दी जाने लगी। युवाओं ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
उसके बाद लोग बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ पड़े। खासतौर पर ईदगाह रोड, आजाद मार्केट, ताज चौराहा, नया बाजार, मीरा मार्ग, रेलवे बाजार, लाइन नंबर एक और 17 में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रात 8 बजे से एक बजे तक बाजार से गुजरना मुश्किल रहा। खरीदारी का सिलसिला तड़के तीन बजे तक चलता रहा। इस बीच घरों में पकवान भी बनाए जाते रहे।
महिला प्रसाधनों की दुकान पर रही भीड़
जैसे -जैसे रात बढ़ती रही बाजार की चमक भी बढ़ती गई। महिलाओं में मेहंदी लगाने का क्रेज रहा तो युवा कपड़े खरीदने में मशगूल दिखे। महिला प्रसाधनों की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही।
उलमा की अपील
रोजेदारों के लिए ईद एक तोहफे की तरह है। इस मौके पर कोई गलत काम कर इस तोहफे को बर्बाद न करें। आपसी गिले शिकवे मिटाकर एक दूसरे के गले मिलें। - मुफ्ती मोहम्मद आजम कादरी, पेश इमाम जामा मस्जिद, हल्द्वानी।
खुशी के इस मौके पर जरूरतमंद पड़ोसियों, रिश्तेदारों की मदद करें। फिजूलखर्ची के बजाय गरीबों पर खर्च करना ही सही मायने में ईद है। हर कोई एक बुरी आदत छोड़ने का संकल्प ले।
- मौलाना अब्दुल बासित, पेश इमाम मस्जिद बंजारान।