रामनगर। रामनगर के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के टीले के सुरक्षात्मक कार्यों पर आईआईटी रुड़की एक बार फिर सर्वे करेगी। इस साल बरसात में बढ़े कोसी के जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग ने टीले को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए आईआईटी रुड़की से सुझाव मांगा है।
विगत कई वर्षों से मंदिर का टीला बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो रहा था। इसी के चलते सिंचाई विभाग ने टीले के चारों ओर लोहे और कंक्रीट का जाल बनाया था। इसके बाद से टीला मजबूती से खड़ा है। अब दूसरे चरण में मंदिर के चारों ओर सीसी ब्लॉक बनाकर टीले को कोसी नदी के पानी से सुरक्षा देने का कार्य होगा। इसके लिए विभाग ने शासन को 11 करोड़ 93 लाख रुपये की डीपीआर भेजी थी। वहीं इस साल बरसात के दौरान कोसी नदी के बढ़े जल स्तर को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार टीले से कोसी नदी के पानी के टकराने वाले क्षेत्र में अब कंक्रीट के ब्लॉक बनाए जाएंगे। टीले की बुनियाद को अधिक मजबूत किया जाएगा।
कोट
आईआईटी रुड़की से गर्जिया मंदिर के टीले के सुरक्षात्मक कार्य को और अधिक मजबूत करने के लिए सुझाव मांगा है। सुझाव के बाद डीपीआर में बदलाव कर शासन को भेजा जाएगा। - अजय जॉन, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग