हल्द्वानी। एनआरसी और सीएए के विरोध को लेकर जहां मुल्क के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें हैं तो वहीं शनिवार को हल्द्वानी में विरोध के बीच भाईचारे का संदेश दिया गया। यह संदेश भी दिया गया कि विरोध बिना हिंसा के और लोकतांत्रिक तरीके से भी किया जा सकता है।
ताज चौराहे पर जमकर नारेबाजी हो रही थी। ठंड के मौसम के बीच नारेबाजी से मौसम में गर्माहाट आ गई। लगभग 11 बजे इमाम हजरात ताज चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को संबोधित किया और आजादी के इतिहास के बारे में जानकारी देने के साथ ही देश को आजादी दिलाने में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रानी लक्ष्मी बाई के बारे में बताया।
इमाम के आह्वान पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में सब भाई भाई के नारे लगे। फिजाओं में हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी गूंजे। इमाम ने संदेश दिया कि यह कानून संविधान के खिलाफ और देश की आवाम के खिलाफ है। इसलिए सभी वर्ग समुदाय के लोग इसमें शामिल हुए हैं।
शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से चले रहे जुलूस के बीच एक नेता ने कुछ लोगों को भड़का दिया। भड़की भीड़ रेलवे बाजार की तरफ बढ़ी और बेरीकेडिंग पार करने का प्रयास किया। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह और एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने इमाम की बात सुनने का हवाला देते हुए भीड़ को रोका। मंसूबे पूरे होते न देख नेता जी भी भीड़ को वहीं बैठ जाने का इशारा करने लगे।
एक नेता ने भीड़ को एसडीएम कोर्ट की तरफ कूच करने के लिए भड़का दिया। उत्तेजित लोग रेलवे बाजार की ओर जाने वाले रास्ते पर लगे बेरीकेडिंग की ओर बढ़े। वहां पहले से मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी ने लोगों को रोका और समझाया कि इमाम साहब की बात सुनें। इस बीच ताज चौराहे पर लोगों को संबोधित कर रहे मौलाना शाहिद रजा ने दो टूक कहा कि हम प्रशासन को जुबान दे चुके हैं कि ताज चौराहे से आगे नहीं जाएंगे और कोई भी एसडीएम कोर्ट की ओर कूच करने का प्रयास न करें। बोले-अगर बात नहीं मानी तो अभी माइक छोड़कर चले जाएंगे। इस पर भीड़ ने अपना रुख वापस ताज चौराहे की ओर कर लिया।
तीन दिन तक प्रशासन करता रहा मशक्कत
प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार इमामों से संपर्क बनाए रखा। इमामों के साथ मिलकर प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने की रणनीति तैयार की।
सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ डीसी ढौढियाल पिछले तीन दिन से एनआरसी और सीएए के विरोध प्रदर्शन को लेकर सतर्क हो गए थे। तीनों ही अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्ययोजना बना रहे थे और इमामों से संपर्क साधे हुए थे। साथ ही अपने आलाधिकारियों को अपडेट दे रहे थे।
तीन दिन में कई राउंड की इमामों के साथ बैठक हुई और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार कराई गई। विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से करने, अपने शहर के अमन चैन को बनाए रखने, अपनी संपदा को बचाए रखने जैसे बिंदुओं पर भी फोकस किया गया। शुक्रवार की रात भी तीनों अधिकारी देर रात तक इमामों से मिले और वार्ता की। इमामों ने प्रशासन को भरोसा दिला दिया था कि किसी भी हाल में शहर का अमन चैन खराब नहीं होने देंगे।
एसएसपी नहीं गा सके राष्ट्रगान
एनआरसी और सीएए के विरोध को लेकर प्रदर्शन समाप्त होने के बाद इमामों ने एसएसपी से राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को समाप्त करने को कहा। एसएसपी ने राष्ट्रगान गाने से मना कर दिया। इस पर इमामों ने कहा कि आपको राष्ट्रगान नहीं आता तो आम आवाम क्या करेगी। इसके बाद इमामों ने राष्ट्रगान की शुरूआत की और सभी ने उसमें शिरकत की।
सिख समाज के लोगों ने जुलूस में बांटी पानी की बोतलें
एनआरसी और सीएए को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को पानी की बोतलें भी बांटी गई। प्रदर्शन में हिस्सा लेने आए लोगों के लिए सिख समाज के लोगों ने पानी की बोतलें वितरित कीं। शुरू से अंत तक वे प्रदर्शनकारियों, पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को पानी की बोतलें बांटते रहे।
डीएम बोले-टीम को करेंगे सम्मानित
शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन निपटने के बाद डीएम सविन बंसल ने इमामों समेत सभी का आभार जताया। कहा कि सभी की समझदारी से प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया। बंसल ने कहा कि एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, एसपी सिटी और सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए बहुत मेहनत की। कहा कि सभी को पुरस्कृत किया जाएगा। बंसल ने कहा कि सभी ने टीम भावना के तहत काम किया। टीम भावना का ही परिणाम था कि सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया।
एसएसपी और डीएम के सामने उड़ाए ड्रोन
ताज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन के बीच सभा शुरू होते ही एक युवक ने सवा 11 बजे से ड्रोन उड़ाना शुरू किया था। एसएसपी और डीएम के आने पर भी ड्रोन उड़ाया गया, जबकि एसएसपी ने ड्रोन उड़ाने से एक दिन पहले इनकार कर दिया था।
शनि बाजार नहीं लगने से व्यापारी मायूस
शहर का शनिबाजार सीएए और एनआरसी के विरोध जुलूस के चलते नहीं लगाया गया। बाजार नहीं लगने से व्यापारी मायूस हुए। सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान ने बताया कि जुलूस के चलते साप्ताहिक शनिबाजार नहीं लगा। व्यापारी मोहित ने बताया कि जब वह बाजार लगाने गए तो फड़ नहीं लगाने दिया गया। वहीं देर शाम कुछ ठेले, फड़ लगे हुए दिखाई दिए।