हल्द्वानी। नशा मुक्ति केंद्र में संदिग्ध हालात में बेहोश हुए किशोर की 15 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल में बृहस्पतिवार रात मौत हो गई। परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक पर बेटे को पीटने का आरोप लगाया है। मामले में पहले ही केंद्र की महिला संचालक के खिलाफ मुखानी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।
बिठौरिया नंबर-एक निवासी 17 वर्षीय (शुभम अधिकारी पुत्र स्व.आनंद सिंह) नशे का आदी था। परिजनों ने उसे दो महीने पहले लामाचौड़ स्थित हमारा संकल्प नशा मुक्ति समिति में भर्ती कराया गया। शुभम की मां के अनुसार 21 अप्रैल को वह बेटे से मिलने गई तो वह ठीक था।
24 अप्रैल की रात को केंद्र से फोन आया कि बेटा बेहोश हो गया है और उसे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब वह अपने बेटे को देखने के लिए अस्पताल गई तो वह वहां अकेला बेड पर पड़ा था। नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारी वहां से गायब थे। अस्पताल में कराई गई जांच में बेटे के लीवर और किडनी में संक्रमण निकला। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। बृहस्पतिवार रात शुभम की इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
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13 साल पहले हो गई थी पिता की मौत, घर का इकलौता बेटा था
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला शुभम अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है। करीब 13 साल पहले उसके पिता की पीलिया के कारण मौत हो गई थी। बेटे और बेटी की जिम्मेदारी सिर पर आने पर मां घर चलाने के लिए स्कूल में काम करने लगी। इस बीच शुभम को नशे की लत लग गई। उसने पढ़ाई भी अधूरी छोड़ दी थी और वह नौवीं कक्षा तक ही पढ़ पाया। इसी कारण उसे नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराना पड़ा। उसकी मौत से मां और बहन का बुरा हाल है।
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केंद्र संचालकों ने की परिजनों से अभद्रता
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शुभम के मामा और चाचा ने नशामुक्ति केंद्र संचालक पर शुभम के साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि शुभम की तबीयत बिगड़ने के बाद वे नशामुक्ति केंद्र गए तो वहां के स्टाफ का व्यवहार अच्छा नहीं रहा। उन्होंने उनके साथ अभद्रता की। चाचा गौरव बिष्ट ने कहा कि शुभम को न्याय मिलना चाहिए और भविष्य में किसी और के साथ इस तरह की घटना न हो यही उनकी प्रशासन से मांग है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण सामने आएगा। नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार सैनी, सीओ सिटी