हल्द्वानी। चार साल पहले मासूम के साथ स्कूली वैन में दुष्कर्म की जानकारी मिलने पर शहर के लोग उबल पड़े थे। लोगों ने स्कूल में तोड़फोड़ करने की कोशिश की। पुतला भी फूंका लेकिन पुलिस फोर्स की मौजूदगी के कारण स्कूल बच गया।
चार साल की मासूम बच्ची के शरीर में अत्यधिक दर्द उठने पर माता-पिता उसे लेकर 17 सितंबर 18 को तिकोनिया स्थित महिला डॉक्टर के पास गए। महिला डॉक्टर ने देखने के बाद बताया कि बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ है। मासूम ने बताया कि उसके साथ वैन वाले अंकल (वैन चालक और उनके साथी) गलत काम करते थे। मना करने पर थप्पड़ मारते थे। बच्ची ने स्कूल जाने से मना कर दिया। इस मामले में मां ने घटना से काठगोदाम पुलिस को अवगत कराया। पुलिस जब बच्ची के स्कूल गई तो स्कूल प्रबंधन ने साफ मना कर दिया। पुलिस ने इस मामले मेें चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। 20 सितंबर को भोटिया पड़ाव क्षेत्र के रहने वाले रिटायर्ड कैप्टन अनिल गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया। माता-पिता ने डर के चलते मुकदमा दर्ज नहीं कराया। घटना को लेकर तीन दिनों तक आंदोलन चलता रहा। आरोपी चालक और परिचालक के जेल भेजे जाने पर जनता शांत हुई। इस मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक लता बिष्ट ने की थी।