ताजनगरी में प्रदूषण रोकने में हल्द्वानी के पौधे मददगार होंगे। हल्द्वानी में वन अनुसंधान नर्सरी से 50 से ज्यादा प्रजातियों के पौधों को दयालबाग एजूकेशनल सोसाइटी एवं विवि को दिया गया है।
वन अनुसंधान विभाग की नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों के पौधों को तैयार किया जाता है। यहां पर मौजूद प्रजातियाें के चलते दूसरे राज्य से बड़ी संख्या में संस्था आदि पौधे लेने को पहुंच रही है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों में प्रदूषण रोकने और लोगों को अपनी प्रजातियों को जागरूक करने के लिए हजारों पौधों को दे चुका है।
अब ताजनगरी के दयालबाग एजूकेशनल सोसाइटी एवं विवि के प्रोफेसर पीके दंतू के साथ टीम हल्द्वानी पहुंची। टीम ने नर्सरी को देखा। नर्सरी प्रभारी मदन बिष्ट बताते हैं कि सोसाइटी आगरा में बायो डायवर्सिटी पार्क को विकसित कर रही है, जिसमें इन पौधों को लगाया जाएगा।
हमने फाइकस प्रजातियों की बिजासाल, थनेला, हाथी पांव, कुंभी, खरपट, झींगन, पीलू, बांस, चिरौंजी, काटा बांस, हाथी घास, वट, रुद्राक्ष समेत पचास से ज्यादा प्रजातियों के 750 पौधों को दिया गया है। यह जैव विविधता की जानकारी देने के साथ प्रदूषण रोकने में भी मददगार बनेंगे।