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Nainital News: खुली नहर पर सिस्टम की आंखें बंद

Fri, 24 Jul 2026 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे से रामपुर रोड को जोड़ने वाला लिंक मार्ग जिम्मेदार विभागों की लापरवाही का ऐसा प्रतीक बन चुका है। 60 मीटर के लिंक मार्ग से सटी खुली नहर, बीच सड़क पर बना नालीनुमा गड्ढा, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा इंतजामों का अभाव बुधवार को एक ई-रिक्शा चालक की जान ले गया। लोक निर्माण विभाग और सुशीला तिवारी अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण उजाला नगर निवासी चार बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया। पूर्व में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं लेकिन सिस्टम की आंखें अब भी बंद हैं। बुधवार शाम हुए हादसे के कारणों की पड़ताल करती संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट
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एसटीएच की लापरवाही ने बनाया सड़क पर नालीनुमा गड्ढा
सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के पीछे से रामपुर रोड को जोड़ने वाले लिंक मार्ग के मध्य में जिस जगह बुधवार को ई-रिक्शा पलटा था वहां सड़क के आरपार चौड़ा नालीनुमा गड्ढा बना है। एसटीएच की चहारदीवारी से एक पाइप सड़क की ओर निकला है। इस पाइप से बरसात में एसटीएच के भीतर का पानी तेजी के साथ लिंक मार्ग पर गिरता है। पानी का बहाव इतना तेज रहता है कि उसने सड़क को एक चौड़ी नाली में तब्दील कर दिया है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि बारिश अधिक होने पर सड़क पर पानी बहने से गड्ढा हुआ है।
नहर किनारे नहीं हैं एक भी सुरक्षा के इंतजाम
जिस जगह हादसा हुआ वहां से होकर नहर के किनारे सड़क के एक से दूसरे छोर तक कहीं भी न तो पैरापिट बनाए गए हैं और न ही क्रश बैरियर हैं। यहां तक कि सड़क और नहर के बीच कोई भी ऐसा इंतजाम नहीं है जिससे कि सड़क पर असंतुलित हुआ व्यक्ति नहर में गिरने से बच सके। यह स्थिति तब है जबकि पूर्व में भी इस सड़क से कई लोग नहर में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
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पूरी सड़क में कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं
हादसे वाला लिंक मार्ग शाम होते ही अंधेरे से घिर जाता है। 60 मीटर लंबी सड़क पर कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। सड़क के एक छोर पर तीव्र मोड़ है और दूसरे छोर पर दोनों ओर अतिक्रमणकारी काबिज हैं। स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि कई बार उन्होंने स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई
पुराने हादसे से सुध लेते तो बच जाती जान
सड़क से नहर में गिरकर किसी की मौत होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जून 2025 में टीपीनगर क्षेत्र में दमकल विभाग के कार्यालय के पीछे की ओर एक कार के खुली नहर में गिरने से किच्छा के बरा निवासी एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हुए थे। मरने वालों में एक नवजात भी शामिल था। हादसे के बाद इस जगह पर क्रश बैरियर लगाए गए लेकिन शहर में अन्य स्थानों पर खुली नहरों की सुध किसी ने नहीं ली।
खतरा यहां भी कम नहीं है-
केस-एक
चौफुला से कठघरिया तक नहर कवरिंग का काम किया जा रहा है। लंबे समय से यहां काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में यहां से निकलना जान को जोखिम में डालने के बराबर है। रात के समय तो यहां स्थिति बेहद खराब हो रही है। कब हादसा हो जाए कहा नहीं जा सकता।

केस-दो
रामपुर रोड से दमकल विभाग की ओर जाने वाली नहर एक स्थान पर अब भी खुली है। यहां क्रश बैरियर या अन्य सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं हुए हैं। पास में ही वन अनुसंधान केंद्र का गेट और कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। इसके चलते इस रोड में दिनभर खूब आवाजाही रहती है।
केस-तीन
नैनीताल रोड पर काॅलटैक्स से लेकर हाइडिल गेट तक नहर खुली है। इन दिनों जमरानी बांध परियोजना के तहत नहरों का जीर्णाेद्धार कराया जा रहा है। ऐसे में नहरों के किनारे सड़कें उबड़-खाबड़ हो गई हैं। यहां यातायात का दबाव भी दिनभर बना रहता है। यहां भी खुली नहरें हादसों का कारण बन सकती हैं।
सुशीला तिवारी अस्पताल के बराबर से होकर बहने वाली नहर की कवरिंग का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जमरानी बांध परियोजना के प्रोजेक्ट में इस पर काम होना है। अधिकारियों को घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। इस लिंक मार्ग पर गड्ढा किन कारणों से हुआ इसकी जांच कराई जाएगी। - प्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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